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Himachal : कांगड़ा घाटी रेल सेवा को नियमित करने पर बैठक बुलाई गई

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी रेल सेवा को नियमित रूप से चलाने को लेकर सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने शुक्रवार को पठानकोट में रेलवे अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में रेलवे के जम्मू डिवीजन के डीआरएम को भी आमंत्रित किया गया है। सांसद ने कहा कि क्षेत्र में रेल सेवाओं को सुचारू और नियमित बनाने के लिए यह बैठक अहम भूमिका निभाएगी।
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने बताया कि कांगड़ा घाटी में रेल सेवाओं की लगातार अनियमितता और बीच-बीच में ट्रेनों के बंद होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और समाधान के उपाय तलाशे जाएंगे।
गौरतलब है कि करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद 2 जून को कांगड़ा घाटी रेल सेवा को फिर से शुरू किया गया था। उस समय कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने रेलवे द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कांगड़ा रेलवे स्टेशन से घाटी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को नियमित रेल सुविधा उपलब्ध कराना था।
रेल सेवा दोबारा शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर थी और इसे क्षेत्र के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा गया था। लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी की समस्या से जूझ रहे लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
हालांकि, कुछ ही समय बाद घाटी में चलने वाली कई ट्रेन सेवाएं फिर से बंद कर दी गईं, जिससे यात्रियों को एक बार फिर असुविधा का सामना करना पड़ा। रेल सेवाओं के अनियमित संचालन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कांगड़ा घाटी एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है और यहां रेल सेवाओं का नियमित होना बेहद जरूरी है। रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसी मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है, जिसमें ट्रेनों के संचालन, समय-सारिणी और नियमित सेवा को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह भी देखा जाएगा कि किन कारणों से ट्रेन सेवाएं बार-बार बाधित हो रही हैं और उनके स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। रेलवे प्रशासन से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।
फिलहाल, इस बैठक को कांगड़ा घाटी रेल सेवा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह तय हो सकता है कि आने वाले समय में यात्रियों को नियमित और सुचारू रेल सुविधा मिल पाएगी या नहीं।





