- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- Himachal: वन्यजीव...
हिमाचल प्रदेश
Himachal: वन्यजीव तस्करी पर बड़ी चोट, तेंदुए की खाल और पंजे बरामद
Ratna Netam
17 April 2026 1:50 PM IST

x
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में अवैध वन्यजीव सामग्री की बड़ी खेप बरामद की गई है। इस कार्रवाई के दौरान तेंदुए की खाल, उसके पंजे और घोरल (Himalayan Goral) के सींग जब्त किए गए हैं। इस घटना ने वन्यजीव तस्करी के एक संभावित नेटवर्क की ओर इशारा किया है, जिसकी जांच अब तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान संदिग्ध सामग्री बरामद हुई, जिसमें संरक्षित वन्यजीवों से संबंधित हिस्से शामिल थे। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि ये वस्तुएं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अवैध हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ और घोरल जैसे वन्यजीव संरक्षित श्रेणी में आते हैं और इनके शिकार या उनके अंगों का व्यापार कानूनन गंभीर अपराध है। इस मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी पहचान की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे एक संगठित गिरोह होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
वन विभाग ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक और वन्यजीव विशेषज्ञों की जांच के लिए भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये अंग कितने पुराने हैं और इनका शिकार कहां और कैसे किया गया।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण और वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल वन्यजीवों की संख्या को प्रभावित करती हैं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) के संतुलन को भी बिगाड़ती हैं। उन्होंने मांग की है कि इस तरह के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान और कड़ी निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि ऐसे कदमों से अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, तेंदुए की खाल, पंजों और घोरल के सींगों की बरामदगी ने वन्यजीव तस्करी के गंभीर मामले को उजागर किया है और अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई हैं।
TagsHimachalवन्यजीव तस्करीबड़ी चोटतेंदुए की खालपंजे बरामदwildlife smugglingmajor injuryleopard skinclaws recoveredजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





