हिमाचल प्रदेश

Himachal : सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी

Kavita2
24 Jun 2026 11:28 AM IST
Himachal : सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी
x

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : बिलासपुर जिले के सरकारी स्कूलों में किए गए ‘समग्र शिक्षा योजना’ के तहत सोशल ऑडिट में गंभीर स्थिति सामने आई है। सर्वे में पाया गया कि जिले के किसी भी सरकारी स्कूल की इमारत शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निर्धारित बुनियादी सुविधाओं के मानकों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती।

यह रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई, जिसमें बताया गया कि हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (HPU) की एक टीम ने इस ऑडिट को अंजाम दिया। टीम का नेतृत्व असिस्टेंट प्रोफेसर (ग्रामीण विकास) डॉ. रणधीर रांटा ने किया। पहले चरण में जिले के कुल 809 सरकारी स्कूलों में से 154 स्कूलों का सर्वे किया गया, जो कुल स्कूलों का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है।

ऑडिट के दौरान यह पाया गया कि अधिकांश स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी बनी हुई है। कई स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव देखा गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि RTE अधिनियम के तहत निर्धारित न्यूनतम मानकों का पालन पूरी तरह नहीं हो पा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, ऑडिट के अगले चार चरणों में जिले के बाकी सभी सरकारी स्कूलों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि पूरी स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वास्तविक स्थिति को सामने लाना है।

इन निष्कर्षों को मंगलवार को बिलासपुर में आयोजित एक जन-सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। इस बैठक में शिक्षा विभाग की डिप्टी डायरेक्टर (शिक्षा गुणवत्ता) निशा गुप्ता भी मौजूद रहीं। जन-सुनवाई में रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई और आगे की कार्रवाई को लेकर सुझाव भी लिए गए।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के सोशल ऑडिट से जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आती है, जिससे नीति निर्माण और सुधारात्मक कदमों को दिशा मिलती है। हालांकि, यह रिपोर्ट राज्य के सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

स्थानीय स्तर पर शिक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे और जिन स्कूलों में कमियां पाई गई हैं, वहां सुविधाएं बेहतर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

RTE अधिनियम के तहत प्रत्येक स्कूल में बुनियादी सुविधाएं जैसे कक्षा कक्ष, शौचालय, पेयजल, खेल सुविधाएं और सुरक्षित भवन संरचना सुनिश्चित करना अनिवार्य है। लेकिन ऑडिट में सामने आए निष्कर्ष बताते हैं कि कई स्कूल अभी भी इन मानकों को पूरा करने में असमर्थ हैं।

यह रिपोर्ट शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को रेखांकित करती है और यह भी संकेत देती है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं।

कुल मिलाकर, बिलासपुर जिले का यह सोशल ऑडिट सरकारी स्कूलों की स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है और आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Next Story