हिमाचल प्रदेश

विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बन रहा हिमाचल

Kavita2
7 Sept 2026 11:17 AM IST
विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बन रहा हिमाचल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियां अब देश के साथ विदेशी पर्यटकों को भी बड़ी संख्या में आकर्षित कर रही हैं। ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों से सैलानी हिमाचल पहुंच रहे हैं। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों और वर्ष 2026 में एक अगस्त तक प्रदेश में कुल 7,59,05,479 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। इनमें 2,64,824 विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

विदेशी पर्यटकों के मामले में ब्रिटेन सबसे आगे है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में ब्रिटेन से 49,029 पर्यटक हिमाचल पहुंचे। यह संख्या दूसरे देशों की तुलना में सबसे अधिक है। इसके बाद अमेरिका का स्थान है, जहां से 26,207 सैलानियों ने हिमाचल का रुख किया।

ऑस्ट्रेलिया से 15,226 पर्यटक हिमाचल पहुंचे। इसके अलावा जर्मनी से 9,283, फ्रांस से 8,417 और कनाडा से 7,323 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। ये आंकड़े बताते हैं कि हिमाचल का आकर्षण दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं है बल्कि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक फैला हुआ है।

हिमाचल लंबे समय से घरेलू पर्यटन के सबसे लोकप्रिय राज्यों में शामिल रहा है। शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी और कसौली जैसे पर्यटन स्थलों की देशभर में अलग पहचान है। बर्फ से ढके पहाड़, हरी-भरी घाटियां, प्राकृतिक नजारे और ठंडी जलवायु हर साल बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित करती है।

लेकिन विदेशी पर्यटकों की बढ़ती मौजूदगी हिमाचल के पर्यटन क्षेत्र के लिए अलग महत्व रखती है। विदेशी पर्यटक सामान्य तौर पर लंबी अवधि की यात्रा, स्थानीय संस्कृति, ऐतिहासिक स्थलों, ट्रैकिंग, आध्यात्मिक पर्यटन और ग्रामीण क्षेत्रों में रुचि दिखाते हैं। इससे पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलता है।

ब्रिटिश पर्यटकों की बड़ी संख्या के पीछे हिमाचल के औपनिवेशिक इतिहास को भी एक कारण माना जा सकता है। शिमला ब्रिटिश शासन के दौरान भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही थी। यहां आज भी उस दौर की कई इमारतें और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं।

शिमला की पुरानी इमारतें, चर्च, रेलवे और अन्य विरासत स्थल ब्रिटिश इतिहास से जुड़े हुए हैं। इसी तरह प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी औपनिवेशिक दौर की विरासत मौजूद है। ऐसे में ब्रिटेन से आने वाले कुछ पर्यटकों के लिए हिमाचल केवल प्राकृतिक सौंदर्य देखने का स्थान नहीं बल्कि इतिहास और पुरानी स्मृतियों से जुड़ा गंतव्य भी हो सकता है।

कई विदेशी परिवारों का भारत और खासकर हिमालयी क्षेत्रों से पुराना संबंध रहा है। उनके परिवार के सदस्य ब्रिटिश काल के दौरान यहां रहे या काम कर चुके हो सकते हैं। ऐसे पर्यटकों के लिए हिमाचल की यात्रा पारिवारिक इतिहास और पुरानी यादों को तलाशने का अवसर भी बन सकती है।

अमेरिका से 26 हजार से अधिक पर्यटकों का पहुंचना भी महत्वपूर्ण है। हिमाचल में अमेरिकी और दूसरे विदेशी पर्यटकों के बीच धर्मशाला तथा आसपास के क्षेत्रों की विशेष लोकप्रियता रही है। तिब्बती संस्कृति, बौद्ध मठ, हिमालयी वातावरण और आध्यात्मिक गतिविधियां विदेशी सैलानियों को आकर्षित करती हैं।

धर्मशाला और मैक्लोडगंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले पर्यटन केंद्र हैं। यहां प्राकृतिक पर्यटन के साथ अध्यात्म और संस्कृति का अनूठा मिश्रण मिलता है। इसी तरह कुल्लू-मनाली क्षेत्र साहसिक पर्यटन के लिए विदेशी यात्रियों के बीच लोकप्रिय है।

ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग, कैंपिंग और पर्वतीय पर्यटन जैसी गतिविधियां भी हिमाचल के पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। रोमांच पसंद करने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए हिमालयी क्षेत्र में कई विकल्प मौजूद हैं।

ऑस्ट्रेलिया से 15,226 पर्यटकों का आना भी हिमाचल के वैश्विक पर्यटन बाजार में बढ़ते आकर्षण को दिखाता है। इसके साथ जर्मनी और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों से हजारों पर्यटकों का पहुंचना राज्य के लिए महत्वपूर्ण है।

यूरोपीय पर्यटकों में प्राकृतिक और ग्रामीण पर्यटन के साथ पैदल यात्रा और स्थानीय संस्कृति को करीब से देखने की रुचि रहती है। हिमाचल के छोटे गांव, पारंपरिक मकान, स्थानीय खानपान और हिमालयी जीवनशैली उन्हें अलग अनुभव उपलब्ध करा सकते हैं।

कनाडा से भी सात हजार से अधिक पर्यटक इस अवधि में हिमाचल पहुंचे। इस तरह अलग-अलग महाद्वीपों से आने वाले पर्यटकों की संख्या राज्य के पर्यटन क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को सामने रखती है।

पर्यटन हिमाचल की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। होटल, होमस्टे, टैक्सी, रेस्तरां, टूर ऑपरेटर और स्थानीय बाजार सीधे तौर पर पर्यटकों पर निर्भर रहते हैं। विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

विशेष रूप से ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे व्यवस्था से दूरदराज के इलाकों में स्थानीय लोगों को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं। यदि विदेशी पर्यटक प्रमुख शहरों से बाहर छोटे पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं तो पर्यटन का आर्थिक लाभ व्यापक क्षेत्र में फैल सकता है।

हालांकि विदेशी पर्यटन बढ़ाने के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा भी जरूरी है। सड़क संपर्क, हवाई सेवाएं, स्वच्छता, सुरक्षित परिवहन, डिजिटल जानकारी और गुणवत्तापूर्ण आवास जैसी सुविधाएं पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करती हैं।

हिमालयी राज्य होने के कारण मौसम और प्राकृतिक आपदाएं भी पर्यटन क्षेत्र के सामने चुनौती हैं। भारी बारिश, भूस्खलन और बर्फबारी के कारण कई बार सड़कें और पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में सुरक्षित और टिकाऊ पर्यटन व्यवस्था विकसित करना जरूरी है।

पर्यटन बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण भी महत्वपूर्ण होगा। लोकप्रिय स्थलों पर अत्यधिक भीड़, कचरा और वाहनों का दबाव प्राकृतिक संसाधनों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान देना होगा।

पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के आंकड़े फिलहाल हिमाचल के लिए उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं। पिछले तीन वर्षों और 2026 में एक अगस्त तक 7.59 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन राज्य की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाता है।

इनमें 2.64 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी बताती है कि हिमाचल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी जगह मजबूत कर रहा है। ब्रिटेन से सबसे ज्यादा 49,029 पर्यटकों का आना विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

प्राकृतिक सुंदरता, इतिहास, संस्कृति, रोमांच और अध्यात्म का मिश्रण हिमाचल को विदेशी पर्यटकों के लिए खास बनाता है। बदलते रुझान से यह भी संकेत मिल रहा है कि हिमाचल अब केवल पहाड़ और बर्फ देखने का गंतव्य नहीं बल्कि इतिहास, संस्कृति और पारिवारिक स्मृतियों को तलाशने का केंद्र भी बन रहा है।

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