हिमाचल प्रदेश

Himachal: स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज में स्वास्थ्य जांच और निगरानी बढ़ाई

Payal
3 May 2026 7:35 PM IST
Himachal: स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज में स्वास्थ्य जांच और निगरानी बढ़ाई
x
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: रामपुर के सरकारी नर्सिंग कॉलेज में टीबी (तपेदिक) के संभावित मामलों के मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। यह खबर सामने आने के बाद छात्रों, स्टाफ और स्थानीय समुदाय में चिंता की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, कॉलेज में कुछ छात्रों में टीबी के लक्षण पाए गए, जिसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य जांच में टीबी के संभावित निशान सामने आए। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग ने कॉलेज परिसर में व्यापक जांच और निगरानी शुरू कर दी।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि अभी प्रारंभिक रिपोर्टों के आधार पर संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा और समय पर रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने छात्रों और स्टाफ से भी कहा कि किसी भी तरह के लक्षण जैसे लगातार खांसी, बुखार, रात को पसीना आना या वजन घटने की स्थिति में तुरंत चिकित्सीय सहायता लें।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि छात्रों और स्टाफ के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर टीबी जांच कराई जा रही है। साथ ही कॉलेज परिसर में सफाई और स्वच्छता के नियमों को और कड़ा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम और मेडिकल काउंसलिंग भी शुरू की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी छात्रों और स्टाफ को स्वास्थ्य परीक्षण से गुजरना चाहिए और टीबी के बारे में जानकारी रखना आवश्यक है।
इस बीच, छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों से अपील की है कि वे संक्रमण फैलने से पहले सभी आवश्यक कदम उठाएँ। छात्र संघ के नेताओं ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग और कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर जांच और सुरक्षा उपायों में सहयोग करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने भी मीडिया को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज परिसर में नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग की जाएगी। यदि किसी छात्र या स्टाफ में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो उसे तुरंत अलग कर इलाज शुरू किया जाएगा और बाकी छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी जारी रहेगी।
अधिकारियों ने सभी से आग्रह किया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि टीबी का प्रारंभिक इलाज सरल और प्रभावी है, और जागरूकता और समय पर जांच से संक्रमण पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
Next Story