- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- Himachal HC ने मनाली...

Himachal हिमाचल हाई कोर्ट ने मनाली की कचरा सुविधा पर अधिकारियों को फटकारा
हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत पर्वतीय नगर मनाली को पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण स्थल माना जाता है। लेकिन हाल ही में राज्य के उच्च न्यायालय ने शहर में कचरा प्रबंधन की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। हिमाचल हाई कोर्ट ने मनाली की रंगरी कचरा सुविधा की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक तैयारियों पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की जब यह पाया गया कि मनाली में कचरा संग्रहण और निपटान की प्रणाली पर्याप्त रूप से प्रभावी नहीं है। न्यायालय ने अधिकारियों को चेताया कि यदि समय पर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो इससे न केवल पर्यावरणीय समस्या बढ़ सकती है, बल्कि जनता और पर्यटकों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
कोर्ट ने अधिकारियों से सवाल किया कि क्यों कचरा प्रबंधन को लेकर स्पष्ट और प्रभावी नीतियाँ नहीं बनाई गईं, जबकि मनाली जैसे पर्यटक स्थलों में यह समस्या सालों से बनी हुई है। न्यायालय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कचरा निपटान, संग्रहण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को तुरंत प्रभावी बनाएं और शहर में सफाई की नियमित निगरानी करें।
विशेष रूप से, कोर्ट ने मनाली में कचरा सुविधा की रंगरी प्रणाली की जांच की और पाया कि इसमें कई कमियां हैं। कचरा सही ढंग से संग्रहित और निपटाया नहीं जा रहा, और कई स्थानों पर खुले में कचरा जमा हो गया है। न्यायालय ने अधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि यह स्थिति पर्यटन स्थलों की छवि को प्रभावित कर रही है और पर्यावरणीय संतुलन के लिए खतरा पैदा कर रही है।
सालों से हिमाचल प्रदेश में पर्यटक बढ़ रहे हैं, और इससे कचरा प्रबंधन का दबाव भी बढ़ गया है। हाई कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि यदि मनाली और अन्य पर्यटन स्थलों में कचरा प्रबंधन में सुधार नहीं होता है, तो यह केवल स्थानीय नागरिकों की परेशानी नहीं बढ़ाएगा बल्कि राज्य की पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुंचाएगा। कोर्ट ने अधिकारियों को कचरा निपटान के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित अभियान चलाने और जनता को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
हिमाचल हाई कोर्ट की यह फटकार न केवल प्रशासनिक ढील को उजागर करती है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मनाली जैसे पर्यटक स्थल में कचरा प्रबंधन को तुरंत प्रभावी बनाना न केवल स्थानीय नागरिकों की भलाई के लिए जरूरी है, बल्कि यह राज्य की पर्यटन और आर्थिक स्थिति के लिए भी महत्वपूर्ण है।





