हिमाचल प्रदेश

Himachal HC ने बढ़ते खतरनाक दवाओं के उत्पादन पर चिंता जताई

Ratna Netam
25 April 2026 7:34 PM IST
Himachal HC ने बढ़ते खतरनाक दवाओं के उत्पादन पर चिंता जताई
x
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में उत्पादन हो रही संभावित असुरक्षित दवाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है और संबंधित दवा कंपनियों तथा राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले में त्वरित जवाब मांगा है और राज्य में दवाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता और मानकों की पूर्ण जांच करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने नोटिस में कहा कि यदि दवाओं के निर्माण और वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हाईकोर्ट ने राज्य स्वास्थ्य विभाग, दवा नियंत्रक और संबंधित कंपनियों से अपेक्षा जताई है कि वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी असुरक्षित या नकली दवा बाजार में न पहुंचे।
इस मामले की सुनवाई एक जनहित याचिका (PIL) पर हुई, जिसमें दवा सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। याचिका में दावा किया गया कि राज्य में कुछ कंपनियां कम गुणवत्ता वाली और बिना परीक्षण की दवाएं बना रही हैं, जो जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा सर्वोपरि हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा। न्यायालय ने राज्य सरकार और संबंधित कंपनियों को निर्देश दिया कि वे सभी दवा उत्पादन इकाइयों की विस्तृत जांच करें और सुनिश्चित करें कि केवल प्रमाणित और सुरक्षित दवाएं ही बाजार में उपलब्ध हों।
विशेषज्ञों का कहना है कि असुरक्षित दवाओं का उत्पादन और वितरण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। इससे न केवल रोगियों का जीवन खतरे में पड़ सकता है, बल्कि चिकित्सा प्रणाली पर भी दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार और दवा कंपनियों को दवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि यदि आवश्यक कार्रवाई तुरंत नहीं की गई, तो अदालत कड़ी कार्रवाई कर सकती है। इसमें दोषी कंपनियों के खिलाफ भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की संभावना शामिल है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी दवा निर्माण इकाइयों की नियमित निगरानी की जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि दवाएं मानक के अनुरूप हों। विभाग ने अदालत को आश्वासन दिया कि वह पूर्ण जांच करेगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगा।
Next Story