हिमाचल प्रदेश

Himachal सरकार ने विकास खर्च के लिए 500 करोड़ रुपये का लोन लेने का प्रस्ताव रखा

Ratna Netam
9 May 2026 7:58 PM IST
Himachal सरकार ने विकास खर्च के लिए 500 करोड़ रुपये का लोन लेने का प्रस्ताव रखा
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये का लोन लेने की योजना बनाई है। यह कदम राज्य की विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
राज्य वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लोन का मुख्य उद्देश्य सड़क, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रीय विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमित आय और बढ़ती विकास जरूरतों को देखते हुए यह ऋण आवश्यक हो गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बयान में कहा, “हमारा लक्ष्य राज्य में तेजी से विकास कार्य करना और नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। 500 करोड़ रुपये का लोन लेने का निर्णय इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करेगा बल्कि रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे राज्यों के लिए विकास कार्यों के लिए ऋण लेना सामान्य प्रक्रिया है, जिससे परियोजनाओं में देरी से बचा जा सके और बुनियादी ढांचा समय पर तैयार हो। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का यह कदम वित्तीय प्रबंधन और विकास योजनाओं के संतुलन को सुनिश्चित करने का प्रयास है।
राज्य वित्त सचिव ने कहा कि ऋण लेने की प्रक्रिया में केंद्रीय सरकार और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि लोन का उपयोग विशेष रूप से परियोजना आधारित खर्चों में किया जाएगा, ताकि राज्य के विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
राज्य के पर्यटन विभाग ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। अधिकारियों का कहना है कि नई सड़कें, जलापूर्ति योजनाएं और अन्य आधारभूत सुविधाएं पर्यटन को बढ़ावा देंगी, जिससे स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लोन का उद्देश्य केवल परियोजनाओं को पूरा करना है, न कि सामान्य प्रशासनिक खर्चों को कवर करना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन का पालन करेगी और सुनिश्चित करेगी कि ऋण का उपयोग प्रभावी और पारदर्शी तरीके से हो।
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