हिमाचल प्रदेश

हिमाचल सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन ला रही: Sukhu

Ratna Netam
17 Jun 2025 7:55 PM IST
हिमाचल सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन ला रही: Sukhu
x
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ऊना विधानसभा क्षेत्र में 25.79 करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बालक), ऊना में 8.79 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए शैक्षणिक ब्लॉक भवन, राजकीय डिग्री कॉलेज, ऊना में 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एक अन्य शैक्षणिक ब्लॉक का उद्घाटन किया तथा कॉलेज परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बालिका छात्रावास की आधारशिला रखी। राजकीय महाविद्यालय ऊना में जनसभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन ला रही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन लाने तथा विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देने के लिए स्कूल व कॉलेज शिक्षा के अलग-अलग निदेशालय बनाए गए हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से ऊना शहर के बालकों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला को सह-शिक्षा वाला बनाया जाएगा तथा यहां सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा ताकि बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाली प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को अंग्रेजी भाषा में दक्ष बनाने के लिए 500 विशेषज्ञ अध्यापकों की भर्ती की जा रही है तथा स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा के लिए 600 जूनियर बेसिक अध्यापकों की भी भर्ती की जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम समय में प्रदेश में 600 नए शिक्षण संस्थानों की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने न तो कोई बुनियादी ढांचा तैयार किया और न ही अतिरिक्त अध्यापकों की व्यवस्था की। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार इन संस्थानों का युक्तिकरण कर रही है, ताकि शिक्षा प्रणाली को व्यावहारिक और सुदृढ़ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल खोल रही है, जिसके लिए चालू वित्त वर्ष में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधारों के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चिकित्सा प्रौद्योगिकी को सुदृढ़ करने के लिए 1350 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा रही है, ताकि लोगों को विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज और नेरचौक मेडिकल कॉलेज सहित सभी मेडिकल कॉलेजों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है तथा 20 वर्ष से अधिक पुरानी मशीनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में हिमाचल प्रदेश में जनसंख्या के अनुपात में कैंसर रोगियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर किए गए विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि पेयजल की गुणवत्ता भी इसमें महत्वपूर्ण कारक है। इसी दृष्टि से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वच्छ जल योजना शुरू की है, जिसके तहत 200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। उन्होंने नशा एवं खनन माफिया से सख्ती से निपटने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
Next Story