हिमाचल प्रदेश

Himachal : नशा तस्करी के मामलों में पांच सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

Kavita2
7 July 2026 12:18 PM IST
Himachal : नशा तस्करी के मामलों में पांच सरकारी कर्मचारी बर्खास्त
x

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशा तस्करी और मादक पदार्थों से जुड़े गंभीर मामलों में संलिप्त पाए गए पांच सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। राज्य सरकार का यह कदम नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उठाया गया है।

इसके अलावा चार अन्य सरकारी कर्मचारियों को भी सेवा से हटाने की सिफारिश प्रदेश सरकार को भेजी गई है। ये सभी कर्मचारी अलग-अलग सरकारी विभागों में कार्यरत थे। जांच में इनके खिलाफ नशीले पदार्थों से जुड़े गंभीर मामलों में संलिप्तता सामने आई है।

बिलासपुर प्रशासन की रिपोर्ट पर कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई बिलासपुर जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जिला प्रशासन ने जांच के बाद इन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी।

सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट पर विचार किया और पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी कर्मचारी का आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना गंभीर अनुशासनहीनता है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हैं मामले

जांच के दौरान सामने आया कि इन कर्मचारियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।

कुछ मामलों में जांच जारी है, जबकि कुछ मामलों में न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन का कहना है कि नशा तस्करी जैसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

सरकारी कर्मचारियों पर सख्त रुख

हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी कर्मचारी ही क्यों न हो।

सरकार का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों से समाज में जिम्मेदारी और कानून के पालन की अपेक्षा की जाती है। यदि कोई कर्मचारी खुद ही गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।

चार कर्मचारियों पर भी जल्द हो सकता है फैसला

वर्तमान में चार अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। इन कर्मचारियों को सेवा से हटाने के लिए सरकार को सिफारिश भेजी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत इन मामलों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

नशे के खिलाफ अभियान तेज

हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में नशे से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर युवाओं में नशीले पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन लगातार अभियान चला रहे हैं।

नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अब सरकारी कर्मचारियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी तंत्र में ऐसे लोगों की मौजूदगी स्वीकार नहीं की जा सकती, जो कानून तोड़ने वाली गतिविधियों में शामिल हों।

कर्मचारियों की भूमिका पर उठे सवाल

सरकारी कर्मचारियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद विभागों में भी सतर्कता बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं तो उसकी जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जाए।

सरकार का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था को साफ-सुथरा और जवाबदेह बनाए रखना है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार, अपराध या नशे से जुड़े मामलों में किसी भी कर्मचारी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

समाज को दिया सख्त संदेश

पांच सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी को सरकार की ओर से एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने संकेत दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि नशा न केवल युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि समाज और कानून व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसलिए नशा तस्करी में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई जरूरी है।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि नशे से जुड़े मामलों में संलिप्त लोगों की पहचान और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका की भी जरूरत पड़ने पर जांच की जाएगी।

हिमाचल सरकार के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि नशा तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। पांच कर्मचारियों की बर्खास्तगी और चार अन्य के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Next Story