हिमाचल प्रदेश

Himachal: कॉमन कैडर योजना पर डॉक्टरों ने जताई नाराज़गी

Ratna Netam
4 April 2026 1:42 PM IST
Himachal: कॉमन कैडर योजना पर डॉक्टरों ने जताई नाराज़गी
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों ने राज्य सरकार की कॉमन कैडर योजना के खिलाफ विरोध जताया है। डॉक्टरों का कहना है कि यह योजना उनके पेशेवर अधिकारों और करियर ग्रोथ पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर हो सकते हैं।
डॉक्टरों के संगठन ने बताया कि कॉमन कैडर योजना के तहत सभी सरकारी कर्मचारियों को एक समान कैडर में शामिल करने की प्रक्रिया को लागू किया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से चिकित्सा कर्मचारियों के पदोन्नति, नियुक्ति और अन्य विशेषाधिकार प्रभावित होंगे। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और मरीजों की देखभाल इस योजना से प्रभावित हो सकती है।
राज्य के प्रमुख डॉक्टरों ने एक साझा बयान में कहा, “हम मानते हैं कि सरकारी कर्मचारियों का एकीकृत कैडर जरूरी हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष मान्यता दी जानी चाहिए। डॉक्टरों की नियुक्ति, अनुभव और प्रशिक्षण को नजरअंदाज करते हुए सामान्य कैडर में शामिल करना हमारी पेशेवर स्वतंत्रता के खिलाफ है।”
इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखना आवश्यक है। डॉक्टरों ने सरकार से आग्रह किया कि कॉमन कैडर योजना को लागू करने से पहले स्वास्थ्य क्षेत्र की विशेषज्ञता और आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के लागू होने पर न केवल डॉक्टरों के करियर पर असर पड़ेगा, बल्कि मरीजों को भी स्वास्थ्य सेवाओं में कमी का सामना करना पड़ सकता है।
राज्य सरकार ने फिलहाल इस विरोध पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टरों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने के लिए जल्द ही बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में दोनों पक्ष अपनी आपत्तियों और सुझावों को साझा करेंगे ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉमन कैडर योजना जैसी नीतियां कर्मचारियों के अधिकारों और पेशेवर संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के बीच संतुलन बनाने का महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
कुल मिलाकर, हिमाचल में डॉक्टरों का कॉमन कैडर योजना पर विरोध एक गंभीर संकेत है कि नीति लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों की राय और स्वास्थ्य क्षेत्र की विशिष्ट जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। अगर यह मुद्दा समय पर सुलझा नहीं, तो प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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