हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के लोगों को DGP ने किया अलर्ट, डिजिटल अरेस्ट से बचें

Kiran
11 Oct 2026 12:30 PM IST
हिमाचल के लोगों को DGP ने किया अलर्ट, डिजिटल अरेस्ट से बचें
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। इसमें ठग, एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED), सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) और पुलिस के अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बनाते हैं और उनसे पैसे ठगते हैं। पुलिस के अनुसार, स्कैमर्स अलग-अलग जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर पीड़ितों से संपर्क करते हैं और उन पर मनी लॉन्ड्रिंग या दूसरे अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाते हैं। फिर वे कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हैं और "बरी" होने के बदले पैसे देने का दबाव बनाते हैं।
18 सितंबर को पालमपुर की एक महिला को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर एक स्कैमर का फ़ोन आया। कॉलर ने उसे बताया कि उसके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा है, जिससे वह घबरा गई। इसके बाद स्कैमर ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव डाला। उसने 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में महिला को शक हुआ और वह स्थानीय पुलिस के पास गई, जिसके बाद धर्मशाला के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ज़ीरो FIR दर्ज की गई। मंडी के धर्मपुर इलाके में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहाँ दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर आए स्कैमर्स ने एक महिला से 15.5 लाख रुपये ठग लिए। इस साल जनवरी में हुई एक और घटना में, एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर ने CBI और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के अधिकारी बनकर आए स्कैमर्स के हाथों 98 लाख रुपये गंवा दिए। ठगों ने उसे "डिजिटल अरेस्ट" की धमकी दी और दावा किया कि उसके नाम पर एक फ़र्ज़ी सिम कार्ड जारी किया गया है और उसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा है।
डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) अशोक तिवारी ने कहा कि "डिजिटल अरेस्ट" जैसा कोई प्रावधान नहीं है और ED, CBI और पुलिस जैसी एजेंसियां ​​ऐसी कार्यवाही के लिए कभी भी लोगों से वीडियो कॉल के ज़रिए संपर्क नहीं करती हैं। उन्होंने सलाह दी कि जिन लोगों को ऐसी एजेंसियों के अधिकारी बनकर कोई फ़ोन करे, वे तुरंत कॉल काट दें और कोई भी पेमेंट न करें। DGP ने उन लोगों से भी अपील की जो ठगी का शिकार हुए हैं या जिनसे स्कैमर्स ने संपर्क किया है, कि वे तुरंत टोल-फ्री साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके पुलिस को सूचित करें।
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