हिमाचल प्रदेश

Himachal : नगरोटा बगवां में जंगल आग में फंसे श्रद्धालु, डॉ. वैशाली की सूझबूझ ने बड़ा हादसा टाला

Kavita2
10 Jun 2026 3:30 PM IST
Himachal : नगरोटा बगवां में जंगल आग में फंसे श्रद्धालु, डॉ. वैशाली की सूझबूझ ने बड़ा हादसा टाला
x

Himachal हिमाचल : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र में मंगलवार शाम जंगल में अचानक भड़की आग ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की जान को खतरे में डाल दिया। आग पटियालकड़ गांव स्थित नयना देवी मंदिर के आसपास लगी और तेज़ हवाओं के चलते देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।

घटना के समय मंदिर में भंडारे और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें लगभग 500 श्रद्धालु मौजूद थे। आग ने मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इस दौरान श्रद्धालु भय और घबराहट में आग से सुरक्षित निकलने के उपाय खोज रहे थे।

इस संकट की घड़ी में तंगरोटी गांव की युवती डॉ. वैशाली कक्कड़ ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। डॉ. वैशाली हिमाचल के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में मेडिसन विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने स्थिति का तुरंत आकलन किया और आसपास के लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए निर्देश दिए।

डॉ. वैशाली ने आग के फैलाव को देखते हुए श्रद्धालुओं को शांत रखने और व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलने का मार्गदर्शन किया। उनकी तत्परता और संयम ने हजारों लोगों के जीवन को संकट से बाहर निकाला। स्थानीय लोग और मंदिर के व्यवस्थापक भी उनकी बहादुरी और निर्णय क्षमता की सराहना कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण आग ने तेजी से मंदिर के पास की झाड़ियों और जंगल को अपनी चपेट में लिया। यदि डॉ. वैशाली का साहस और त्वरित कार्रवाई नहीं होती, तो मंदिर परिसर में मौजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।

पुलिस और दमकल की टीम भी मौके पर पहुंचे और आग को फैलने से रोकने में जुट गए। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आग के फैलाव को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया गया।

स्थानीय लोगों ने डॉ. वैशाली की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और नेतृत्व ने इस भयावह परिस्थिति में जीवनरक्षक का काम किया। यह घटना बताती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय और साहस किस प्रकार बड़ी त्रासदी को टाल सकते हैं।

मंदिर प्रबंधन ने भी आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा उपायों और आपातकालीन तैयारियों पर ध्यान देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी किसी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और मार्गदर्शक उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

कुल मिलाकर नगरोटा बगवां की यह घटना नयना देवी मंदिर के श्रद्धालुओं के लिए एक गंभीर संकट थी, लेकिन डॉ. वैशाली कक्कड़ की तत्परता और बहादुरी ने संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया। उनकी सूझबूझ और नेतृत्व ने न केवल श्रद्धालुओं की जान बचाई, बल्कि समाज में आपातकालीन परिस्थितियों में साहस और जिम्मेदारी की मिसाल भी पेश की।

Next Story