हिमाचल प्रदेश

Himachal : बिजली बोर्ड कर्मचारियों की पदोन्नति और नियमितीकरण में देरी

Kavita2
10 Jun 2026 1:23 PM IST
Himachal : बिजली बोर्ड कर्मचारियों की पदोन्नति और नियमितीकरण में देरी
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी यूनियन के महासचिव प्रशांत शर्मा की अध्यक्षता में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में बोर्ड के चेयरमैन प्रबोध सक्सेना से मुलाकात की। इस दौरान यूनियन ने कर्मचारियों की नियमितीकरण और पदोन्नति में लंबित मामलों को लेकर चिंता जताई।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बोर्ड में कई दैनिक भोगी कर्मचारी 31 मार्च तक निर्धारित मापदंड पूरे कर चुके हैं, लेकिन प्रबंधन की देरी के कारण वे अभी तक नियमित नहीं हो पाए हैं। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों के मेहनत और योग्यता के बावजूद नियमों के अनुसार उन्हें समय पर रेगुलर नहीं किया गया, जिससे उनके करियर पर असर पड़ रहा है और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

इसके अलावा, बोर्ड में लंबे समय से उप सचिव, अवर सचिव, सेक्शन ऑफिसर, सुपरिंटेंडेंट, सहायक अभियंता, अकाउंट्स कैडर और फायरमैन-कम-ड्राइवर जैसे पदों पर पदोन्नति आदेश जारी नहीं हुए हैं। यूनियन ने चेतावनी दी कि बिना पदोन्नति के कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे बोर्ड की कार्य क्षमता पर असर पड़ रहा है और कर्मचारियों का मनोबल भी कम हो रहा है।

प्रशांत शर्मा ने कहा, “कर्मचारियों ने निर्धारित योग्यता पूरी कर ली है और समय पर उनका नियमितीकरण और पदोन्नति होना चाहिए। लेटलतीफी और अनियमितता के कारण कर्मचारियों का भरोसा प्रबंधन पर कम होता जा रहा है। हमें उम्मीद है कि बोर्ड जल्द ही इन मामलों का समाधान करेगा।”

बिजली बोर्ड के चेयरमैन प्रबोध सक्सेना ने यूनियन के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रबंधन कर्मचारियों के नियमितीकरण और पदोन्नति के मामलों को जल्द से जल्द देख रहा है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि लंबित आदेशों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को उनके हक़ का लाभ समय पर मिल सके।

यूनियन ने यह भी मांग रखी कि भविष्य में ऐसे मामलों में देरी न हो और कर्मचारियों के नियमितीकरण और पदोन्नति की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो। उनका कहना है कि यदि लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, तो कर्मचारी आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

इस बैठक के बाद यूनियन और बोर्ड के बीच नियमित संवाद और मामलों के समाधान के लिए एक समयसीमा तय करने पर भी चर्चा हुई। यूनियन ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और भरोसा रखें कि उनके हक़ का निपटारा जल्द किया जाएगा।

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