हिमाचल प्रदेश

दिल्ली महारैली के लिए हिमाचल कांग्रेस ने झोंकी ताकत, 156 बसें और 500 गाड़ियां तैयार

Kavita2
30 Oct 2026 5:02 PM IST
दिल्ली महारैली के लिए हिमाचल कांग्रेस ने झोंकी ताकत, 156 बसें और 500 गाड़ियां तैयार
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शिमला। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली को सफल बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने प्रदेश से करीब 10 से 15 हजार नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 156 बसों की बुकिंग की गई है, जबकि कार्यकर्ताओं की आवाजाही के लिए करीब 500 छोटी गाड़ियों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने संगठन के पदाधिकारियों को महारैली में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों, बोर्ड और निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर के नेताओं को दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया है। इस महारैली के माध्यम से कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दों पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

हिमाचल कांग्रेस ने महारैली के लिए संगठन स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था तैयार की गई है। पार्टी ने बसों के साथ छोटे वाहनों और निजी गाड़ियों के माध्यम से भी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कुल 156 बसें दिल्ली रवाना होंगी। इन बसों में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के मुकाबले निजी बसों की संख्या अधिक बताई जा रही है। दूरदराज के क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं को लाने के लिए टेंपो ट्रैवलर और अन्य छोटे वाहनों की भी व्यवस्था की गई है।

कांग्रेस कार्यकर्ता 31 अक्टूबर को अपने-अपने जिलों से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अधिकांश बसों का एक नवंबर की शाम वापस लौटने का कार्यक्रम है। हालांकि परिवहन व्यवस्था के कारण कुछ बसों के दो नवंबर तक नियमित सेवाओं से बाहर रहने की संभावना जताई गई है।

महारैली के लिए सबसे अधिक 30 बसें कांगड़ा जिले से बुक की गई हैं। सोलन, ऊना और मंडी से 20-20 बसें, बिलासपुर और शिमला से 16-16 बसें तथा सिरमौर से 15 बसें दिल्ली जाएंगी।

इसके अलावा हमीरपुर से 10, कुल्लू से आठ और चंबा से एक बस की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 156 बसों के माध्यम से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने महारैली को लेकर सभी संगठनात्मक इकाइयों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों से लेकर ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी तक इस आयोजन में भाग लें।

इसके लिए कैबिनेट मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों, बोर्ड एवं निगमों के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

पार्टी ने कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भी संगठनात्मक समन्वय बढ़ाया है। विधायकों, पूर्व प्रत्याशियों और स्थानीय पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को दिल्ली भेजने की जिम्मेदारी दी गई है।

कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने भी महारैली को लेकर तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश से लगभग 15 हजार लोग दिल्ली पहुंचकर विपक्षी गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल होंगे।

रजनी पाटिल ने आरोप लगाया कि देश में मतदाताओं के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।

हालांकि चुनावी अनियमितताओं और वोट चोरी से संबंधित आरोप कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के हैं। इन्हें किसी आधिकारिक जांच में प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

दिल्ली की महारैली में भाग लेने के लिए हिमाचल कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं को पारंपरिक हिमाचली वेशभूषा में पहुंचने के निर्देश भी दिए हैं। पार्टी का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करना है।

जानकारी के अनुसार, एक नवंबर को हिमाचल से पहुंचे कार्यकर्ता दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में एकत्र होंगे। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में रामलीला मैदान की ओर रवाना होंगे।

पार्टी की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की भागीदारी के लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं। कुछ क्षेत्रों में 100 से 300 कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

दुर्गम क्षेत्रों के लिए भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस ने समन्वय के लिए शिमला में संपर्क केंद्र भी स्थापित किया है, ताकि कार्यकर्ताओं को यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

इस बीच बड़ी संख्या में बसों की बुकिंग से हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने की आशंका भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर से दो नवंबर तक कुछ क्षेत्रों में यात्रियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि परिवहन निगम प्रबंधन ने यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। बसों की उपलब्धता कम होने की स्थिति में नियमित यात्रियों के लिए अन्य सेवाओं का प्रबंधन करना आवश्यक होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने महारैली को लेकर भाजपा की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोकतंत्र से जुड़े सवालों को दबाया नहीं जा सकता। उनके अनुसार, मतदाताओं के अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा उठाना विपक्ष का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी। पार्टी ने राज्यभर में भी इस विषय पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है।

दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य घटक दलों ने भी तैयारियां की हैं।

कांग्रेस ने इस आयोजन में देशभर से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी का दावा किया है। पार्टी की ओर से करीब 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया गया है। हालांकि यह आयोजकों का अनुमान है और वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

महारैली में कांग्रेस के साथ वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।

इस आयोजन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है।

वहीं चुनावी व्यवस्था में मतदाता सूची का नियमित अद्यतन करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारियों का हिस्सा है। इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने और शिकायतों का नियमानुसार समाधान करने का महत्व है।

दिल्ली पुलिस ने एक नवंबर की महारैली के लिए आवश्यक अनुमति जारी की है। आयोजन का समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित किया गया है।

रामलीला मैदान में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। मैदान के प्रवेश द्वारों पर जांच की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस की ओर से आयोजकों को सीसीटीवी कैमरे, स्वयंसेवक, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय किया जा रहा है।

हिमाचल कांग्रेस के लिए यह महारैली संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन का भी अवसर मानी जा रही है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण पार्टी नेतृत्व बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और प्रभारी रजनी पाटिल लगातार संगठन के नेताओं के संपर्क में हैं। महारैली की तैयारियों को लेकर पार्टी स्तर पर समीक्षा बैठकें भी की गई हैं।

फिलहाल कांग्रेस ने दिल्ली कूच के लिए परिवहन और संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। 31 अक्टूबर को प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता रवाना होंगे और एक नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली में शामिल होंगे।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हिमाचल से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कितने कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचते हैं और विपक्षी गठबंधन की इस महारैली में कुल कितनी भागीदारी होती है।

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