हिमाचल प्रदेश

HC ने राज्य के कॉरपोरेट राहत फंड की पारदर्शिता पर उठाया सवाल

Ratna Netam
25 April 2026 7:53 PM IST
HC ने राज्य के कॉरपोरेट राहत फंड की पारदर्शिता पर उठाया सवाल
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में राहत वितरण के लिए बनाए गए 100 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट फंड की जांच कड़ी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह कदम फंड के पारदर्शिता और सही उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट जवाब मांगा है कि यह फंड किस प्रकार और किन उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है।
कोर्ट ने कहा कि जनता के हित में बनाए गए इस फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। हाईकोर्ट ने राज्य वित्त विभाग और कॉरपोरेट फंड के प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे फंड के सभी लेन-देन, खर्च और वितरण की पूरी जानकारी प्रस्तुत करें। न्यायालय ने इस मामले की निगरानी खुद करने का संकेत भी दिया।
इस मामले की सुनवाई एक जनहित याचिका (PIL) पर हुई, जिसमें फंड के सही उपयोग और वितरण में पारदर्शिता की कमी की शिकायत की गई थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि कुछ मामलों में राहत राशि का लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंचा और फंड का प्रबंधन पूरी तरह से सार्वजनिक जांच से बाहर था।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राहत के लिए बनाए गए इस फंड का उद्देश्य केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाना है। यदि फंड के प्रबंधन में लापरवाही या अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों और प्रबंधकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की जांच आवश्यक है क्योंकि बड़े फंड का गलत प्रबंधन आम नागरिकों के हितों को प्रभावित कर सकता है। पारदर्शी निगरानी और नियमित ऑडिट से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि राहत राशि सही जगह पर उपयोग हो और भ्रष्टाचार के किसी भी प्रयास को रोका जा सके।
राज्य सरकार ने इस मामले पर कहा कि फंड के लेन-देन का रिकॉर्ड उपलब्ध है और जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक दस्तावेज और विवरण न्यायालय के समक्ष पेश किए जाएंगे और किसी भी अनियमितता को तुरंत सुधारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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