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Hamirpur: हमीरपुर में साइंस कॉलेज के लिए 100 करोड़ का बजट, सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान

हमीरपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला ‘साइंस कॉलेज’ खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित की जा चुकी है तथा परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले में 74 एकड़ भूमि पर एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान भी स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री हमीरपुर स्थित राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया गया है, जबकि हमीरपुर प्रदेश की शिक्षा राजधानी है। हमीरपुर के विद्यार्थी देशभर में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार के सुधारों के बाद प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
सुक्खू ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर के नजदीक बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इनके खुलने के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में करीब 24,000 की वृद्धि हुई है। इन स्कूलों के संचालन और बुनियादी ढांचे के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए योजना पर काम कर रही है। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए महाविद्यालयों का युक्तिकरण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं और एक हजार से अधिक युवाओं को करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए राज्य चयन आयोग तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक नहीं हुआ है। उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती सहित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र लीक होने तथा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया गया और भर्ती प्रश्न-पत्र लीक करने वालों को जेल भेजा गया। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता सुनिश्चित करने के लिए कई भर्तियों में अनिवार्य साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर मेरिट आधारित चयन शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार, दोनों के अंकों को चयन का आधार बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को बढ़ावा मिला है।





