हिमाचल प्रदेश

एम्स बिलासपुर के विस्तार को सरकार देगी हरसंभव मदद: सीएम सुक्खू

Kavita2
12 Aug 2026 2:05 PM IST
एम्स बिलासपुर के विस्तार को सरकार देगी हरसंभव मदद: सीएम सुक्खू
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के लोगों को बेहतर और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को बिलासपुर जिले के एक दिवसीय दौरे के दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने एम्स बिलासपुर के संकाय सदस्यों और अधिकारियों के साथ बैठक कर संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से संस्थान की मौजूदा व्यवस्थाओं, आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स जैसे संस्थान हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की मजबूरी से बचाना है। इसके लिए राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस वर्ष दिसंबर तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना है। इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, चिकित्सा संस्थानों की आधारभूत संरचना मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

एम्स बिलासपुर को हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संस्थान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके विस्तार और सुदृढ़ीकरण में प्रदेश सरकार अपनी ओर से हरसंभव सहयोग करेगी। संस्थान के बेहतर संचालन और मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए सरकार और एम्स प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों से मरीजों को मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही संस्थान में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों, उपचार सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। दुर्गम क्षेत्रों से मरीजों को कई बार गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। यात्रा, रहने और उपचार की लागत के कारण गंभीर बीमारी का इलाज कई परिवारों के लिए चुनौती बन जाता है।

ऐसे में एम्स बिलासपुर जैसे संस्थान को मजबूत करने से प्रदेश के लोगों को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। विशेष रूप से गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित होने से मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान चिकित्सा संस्थानों में सेवाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल भवन और मशीनरी उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध उपचार मिलना भी जरूरी है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारियों और आधुनिक तकनीक की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

सरकार की योजना राज्य के मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं मजबूत होने से जिला स्तर पर ही अधिक संख्या में मरीजों का उपचार संभव होगा।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के महत्व पर भी जोर दिया। वर्तमान समय में चिकित्सा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और नई तकनीकों के इस्तेमाल से गंभीर बीमारियों का इलाज अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। ऐसे में हिमाचल के चिकित्सा संस्थानों को भी आधुनिक सुविधाओं और तकनीक से लैस करना सरकार की प्राथमिकता है।

एम्स बिलासपुर के अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों ने मुख्यमंत्री के सामने संस्थान से जुड़े विभिन्न विषयों को रखा। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, संस्थान की आवश्यकताओं और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विषयों पर सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है और प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि लोगों को इलाज के लिए अपने राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम से कम पड़े।

दिसंबर तक सभी मेडिकल कॉलेजों में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में पूरा होता है तो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है और मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलने की संभावना बढ़ेगी।

एम्स बिलासपुर का निरीक्षण मुख्यमंत्री के बिलासपुर दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इस दौरान उन्होंने संस्थान की मौजूदा स्थिति को समझने के साथ-साथ इसके भविष्य के विस्तार और विकास को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की।

प्रदेश सरकार की ओर से एम्स बिलासपुर को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब राज्य में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। संस्थान का विस्तार होने और सुविधाओं में बढ़ोतरी से हिमाचल के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का एम्स बिलासपुर निरीक्षण राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है। सरकार का फोकस आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को राज्य में ही विकसित करने पर है, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। दिसंबर तक सभी मेडिकल कॉलेजों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य इस दिशा में सरकार की बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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