हिमाचल प्रदेश

Nurpur स्कूल बहाली को लेकर पूर्व मंत्री का आंदोलन की चेतावनी

Ratna Netam
10 April 2026 3:38 PM IST
Nurpur स्कूल बहाली को लेकर पूर्व मंत्री का आंदोलन की चेतावनी
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: पूर्व मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है कि नूरपुर में बंद लड़कों के स्कूल को 15 दिनों के भीतर बहाल किया जाए, अन्यथा उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह स्कूल शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और इसे बंद रखना छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन रहा है।
पूर्व मंत्री ने अपने बयान में कहा कि यह स्कूल वर्षों से नूरपुर के बच्चों के लिए शिक्षा का प्रमुख साधन रहा है। स्कूल बंद होने से छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पीछे रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए और स्कूल को बहाल करने के लिए आवश्यक संसाधन और प्रबंधन उपलब्ध कराना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा केवल बच्चों का अधिकार नहीं है, बल्कि यह समाज और भविष्य की नींव है। स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि छात्रों और उनके अभिभावकों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द स्कूल को चालू किया जाए।
पूर्व मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों में स्कूल बहाल नहीं किया गया, तो वे स्थानीय समुदाय और छात्र संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन की योजना बनाएंगे। उनका कहना था कि यह आंदोलन केवल स्कूल बहाली तक सीमित रहेगा और इसका उद्देश्य प्रशासन को जागरूक करना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है।
स्थानीय जनता और अभिभावक भी इस कदम का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल के बंद होने से बच्चों की शिक्षा और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वे स्कूल को जल्द से जल्द चालू करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बंद होना न केवल स्थानीय बच्चों के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि शिक्षा के महत्व को समझें और इसे प्राथमिकता दें।
पूर्व मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि स्कूल बहाली के लिए प्रशासन को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय करना चाहिए और छात्रों के हित में आवश्यक निर्णय तुरंत लेने चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की देरी से बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इस प्रकार, नूरपुर में लड़कों के स्कूल की बहाली को लेकर पूर्व मंत्री का यह कदम शिक्षा और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन करना अपरिहार्य होगा। इस मामले में जल्द ही प्रशासन की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।
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