हिमाचल प्रदेश

Dharamshala में ट्रैकरों की सुरक्षा हेतु धौलाधार पर तैनात होंगे वन मित्र

Tara Tandi
25 Jun 2025 12:53 PM IST
Dharamshala में ट्रैकरों की सुरक्षा हेतु धौलाधार पर तैनात होंगे वन मित्र
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Dharamshala धर्मशाला : धौलाधार की वादियों को करीब से निहारने के चक्कर कई बार ट्रैकरों की जान आफत में आ जाती है। अक्सर देखने में आया है कि कुछ विभिन्न रास्तों से ट्रैकिंग के लिए निकल जाते हैं और जंगल में पहुंचने के बाद रास्ता भटक जाते हैं, जिनका जिला प्रशासन के पास कोई रिकार्ड भी नहीं होता है। हाल में आठ ट्रैकर इस तरह के हादसों का शिकार हो चुके हैं। इस संवेदनशील मामले पर कड़ा संज्ञान लेते डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने मुख्य ट्रैकिंग रूट के एंट्री प्वाइंट पर वन मित्न तैनात करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि अभी 3 वन मित्र तैनात किए जाएंगे। आने वाले समय में जरूरत पड़ी तो इनकी संख्या में बढ़ोतरी भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि ट्रैकिंग एंट्री प्वाइंट पर तैनात ये वन मित्र ट्रैकिंग पर आने-जाने वालों का बाकायदा पंजीकरण करेंगे।
इससे प्रशासन के पास ट्रैकिंग पर जाने वालों का पूरा डेटा प्रशासन के पास भी उपलब्ध रहेगा और आपातकाल में ट्रैकरों को ट्रैक करना भी आसान रहेगा। गौर हो कि जनवरी से जून तक अभी आठ ट्रैकर धौलाधार की वादियों में रास्ता भूल चुके हैं। सिलिसलेवार बात करें तो 28 जनवरी को एक रशियन नागरिक त्रियुंड ट्रैक पर निकला था। खराब मौसम और अंधेरा होने के कारण वह रास्ता भटक गया और गहरी खाई में जा गिरा। इसकी सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उसे सकुशल बचा लिया।
इसी तरह 16 फरवरी 2025 को दो सैलानी स्वप्न सिंह और अनुकूल सिंह नड्डी के उपनला के पास करीब 50 फीट गहरी खाई में गिर गए थे हालांकि उन्हें भी प्रशासन ने सब कुशल रेस्क्यू कर लिया था यह दोनों ट्रैकिंग पर निकले हुए थे लेकिन रास्ता भूल जाने के कारण दे गहरी खाई में गिरा। 16 फरवरी को ही खिनयारा के थाथरी ट्रैक पर दो ब्रिटिश सैलानी थॉमस हैरी और रॉबर्ट जॉन रास्ता भटक कर खाई में गिर गए। प्रशसन ने समय रहते रेस्क्यू कर लिया, लेकिन अस्पताल में रॉबर्ट जॉन की मौत हो गई। इसी तरह 7 मार्च को एक और सैलानी मैकलोडगंज के साथ लगते त्रियूंड ट्रैक पर मैजिक व्यू कैसे के पास गहरी खाई में गिर गया परिणाम स्वरु प 12 कर्मियों वाली एसडीआरएफ की टीम ने उसे रेस्क्यू कर लिया ।
वहीं 16 जून को भी धर्मशाला के कंडी करड में भी एक सैलानी ट्रैकिंग के दौरान रास्ता भटक गया था, जिसे बचाव टीम ने समय रहते सुरिक्षत रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा दिया, जबकि हाल ही में लापता हुए नितिन का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। गौर हो कि हाल ही में ट्रैकिंग के दौरान हुई घटनाओं के मद्देनजर रखते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन ने वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि ट्रैकिंग पर संचालित ट्रेवल एजेंसियों और गाइड्स द्वारा निर्धारित नियमों को कड़ाई से पालन सुनिश्चित लागू किया जाए। ट्रैकिंग अभियानों को ट्रैकर्स का रजिट्रेशन करवाना अनिवार्य है।
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