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Larji जलविद्युत परियोजना में 28 जून से फ्लशिंग, 24 घंटे बंद रहेगा उत्पादन

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड की लारजी जलविद्युत परियोजना में प्री-मानसून (बरसात से पूर्व) फ्लशिंग का कार्य 28 जून से शुरू होने जा रहा है। यह प्रक्रिया जलाशय में जमा गाद और अवसाद को निकालने के लिए की जाती है, जिससे परियोजना की कार्यक्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जानकारी के अनुसार, यह फ्लशिंग 28 जून की सुबह 6 बजे से शुरू होकर 29 जून की सुबह 6 बजे तक लगातार 24 घंटे चलेगी। इस दौरान लारजी बांध के सभी गेट पूरी तरह खोल दिए जाएंगे, जिससे बड़ी मात्रा में पानी नदी में छोड़ा जाएगा और ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना रहेगी।
इस प्रक्रिया के तहत लगभग 2000 क्यूमेक्स पानी ब्यास नदी में छोड़ा जाएगा। जलाशय से भारी मात्रा में पानी निकाले जाने के कारण लारजी पावर स्टेशन में बिजली उत्पादन पूरी तरह से बंद रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम तकनीकी और सुरक्षा कारणों से आवश्यक है।
फ्लशिंग के दौरान बांध क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने ब्यास नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। लारजी बांध से लेकर पंडोह बांध तक नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों, राहगीरों और पर्यटकों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान नदी के किनारे न जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। खासकर बच्चों और पर्यटकों को नदी किनारों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि फ्लशिंग के दौरान जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए सुरक्षा बलों और संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ तैनात किया गया है।
प्रशासन ने सभी स्थानीय पंचायतों और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। नदी किनारे स्थित संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं और लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, लारजी जलविद्युत परियोजना में होने वाली यह प्री-मानसून फ्लशिंग तकनीकी दृष्टि से आवश्यक प्रक्रिया है, लेकिन इसके साथ ही ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए विशेष सावधानी और सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।





