हिमाचल प्रदेश

शाहपुर में बाढ़ से नुकसान, SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू

Saba Naaz
21 July 2026 2:59 PM IST
शाहपुर में बाढ़ से नुकसान, SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू
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हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा जिले में भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। शाहपुर क्षेत्र की बोह घाटी में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। स्पैडा और गढ़गून गांव में तेज बहाव के साथ आए मलबे में छह मकान पूरी तरह बह गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। हालांकि राहत की बात यह है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार शाहपुर की बोह घाटी में पहाड़ी क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक तेज पानी और मलबा नीचे की ओर बहने लगा। देखते ही देखते बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच गया और कई घर इसकी चपेट में आ गए। लोगों ने स्थिति को भांपते हुए समय रहते अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।

बाढ़ का पानी इतना तेज था कि स्पैडा और गढ़गून गांव में बने छह मकान इसकी चपेट में आकर पूरी तरह बह गए। कई घरों का नामोनिशान तक नहीं बचा है। प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान की समस्या खड़ी हो गई है। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण भी भयभीत हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।

प्रशासन ने घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है, जो मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

शाहपुर के एसडीएम डॉ. गणेश ठाकुर ने बताया कि वह स्वयं प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में भारी नुकसान की सूचना मिली है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि डिब्बा और मानेड नाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है, जिसके कारण प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के आसपास जाने से बचें, क्योंकि भारी बारिश के कारण जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।

वहीं, कांगड़ा जिले के जवाली क्षेत्र के न्यांगल गांव में भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। यहां नाले का बहाव बदलने से करीब 15 घर खतरे की जद में आ गए हैं। नाले में आए तेज पानी ने कई किसानों के खेतों को भी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि बाद में पानी का बहाव कुछ कम हुआ है, लेकिन ग्रामीण अभी भी डरे हुए हैं।

हिमाचल प्रदेश के कई पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन को देखते हुए बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।

बोह घाटी की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। बादल फटने जैसी घटनाएं कम समय में भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर तालमेल और समय पर बचाव कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।

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