हिमाचल प्रदेश

किन्नौर में फ्लैश फ्लड, सांगला-छितकुल मार्ग बंद

Saba Naaz
18 July 2026 9:41 PM IST
किन्नौर में फ्लैश फ्लड, सांगला-छितकुल मार्ग बंद
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रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सांगला क्षेत्र के मस्तरंग में शनिवार शाम अचानक आई बाढ़ के कारण सांगला-छितकुल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। बाढ़ के साथ भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ जाने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों और पर्यटकों से इस मार्ग पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार, पटवार वृत रक्छम के अंतर्गत आने वाले मस्तरंग क्षेत्र में आईटीबीपी कैंप के समीप अचानक बाढ़ आई। शनिवार शाम करीब पांच बजे अचानक पानी का तेज बहाव आने से सड़क पर भारी मलबा जमा हो गया। इसके अलावा बड़े-बड़े पत्थर भी सड़क पर गिर गए, जिससे सांगला-छितकुल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मार्ग बंद होने के कारण दोनों ओर छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस प्राकृतिक घटना में अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। वहीं, किसी निजी या सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्र की जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे फिलहाल सांगला-छितकुल मार्ग पर जाने से बचें। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

किन्नौर जिले में पिछले कुछ समय से लगातार मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगहों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। मस्तरंग क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

सांगला-छितकुल मार्ग किन्नौर जिले का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक आवाजाही करते हैं। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से सड़क को जल्द खोलने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। संबंधित विभागों की टीमें मौके का निरीक्षण कर रही हैं और मलबा हटाने की तैयारी की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल प्राथमिकता मार्ग को सुरक्षित तरीके से बहाल करना है। हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्दबाजी में यातायात शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए सड़क की स्थिति का पूरा आकलन करने के बाद ही वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। साथ ही, जरूरी न होने पर पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। पर्यटकों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है क्योंकि अचानक होने वाली प्राकृतिक घटनाएं कभी भी परेशानी खड़ी कर सकती हैं।

किन्नौर जैसे पहाड़ी जिलों में मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय विभागों की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है। सांगला-छितकुल मार्ग बंद होने के बाद अब सभी की नजरें मौसम की स्थिति और सड़क बहाली की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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