हिमाचल प्रदेश

प्रथम वर्ष की छात्रा पर यौन उत्पीड़न और रैगिंग की आशंका, राज्य महिला आयोग ने तुरंत कार्रवाई की

SHIDDHANT
3 Jan 2026 9:09 PM IST
प्रथम वर्ष की छात्रा पर यौन उत्पीड़न और रैगिंग की आशंका, राज्य महिला आयोग ने तुरंत कार्रवाई की
x
Kullu कुल्लू: राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने खुलासा किया कि कुल्लू जिले में एक प्रथम वर्ष की कॉलेज छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न और रैगिंग की घटना सामने आई है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कदम उठाए और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के संपर्क में आए। विद्या नेगी ने कहा, "यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। हमें सूचना मिली कि एक प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ रैगिंग और यौन उत्पीड़न हो सकता है। जैसे ही यह मामला हमारी जानकारी में आया, हमने तुरंत कार्रवाई की और कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक से बातचीत की।"
राज्य महिला आयोग ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से घटना की तुरंत जांच करने और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। आयोग ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाएगी ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। विद्या नेगी ने आगे कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन और राज्य शिक्षा विभाग के साथ मिलकर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्राओं के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो। कोई भी छात्रा इस तरह की आपराधिक गतिविधियों की शिकार न हो।"
स्थानीय पुलिस ने भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने कॉलेज और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस बीच, राज्य महिला आयोग ने पूरे राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से भी अपील की है कि वे रैगिंग और यौन उत्पीड़न के खिलाफ कड़े कदम उठाएं और किसी भी अप्रिय घटना की तुरंत रिपोर्ट करें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी छात्रा के अधिकारों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने भी सभी कॉलेजों में रैगिंग-रोधी और महिला सुरक्षा नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक कॉलेज में एक शिकायत निवारण समिति सक्रिय हो और सभी छात्रों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाए। विद्या नेगी ने अंत में कहा, "हमें युवाओं के शिक्षा और उनके सुरक्षित माहौल के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी छात्रा शिक्षा के दौरान डर या उत्पीड़न का सामना न करे। आयोग लगातार इस मामले पर निगरानी रखेगा। राज्य महिला आयोग की त्वरित कार्रवाई और प्रशासनिक सतर्कता से पीड़िता को मानसिक और कानूनी सहारा प्राप्त हो रहा है। मामले की जांच पूरी होने तक आयोग और पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Next Story