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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों कुल्लू-मनाली और लाहुल-स्पीति में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। गुरुवार 17 सितंबर की सुबह से ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई। रोहतांग दर्रा, बारालाचा दर्रा और शिंकुला दर्रा बर्फ की सफेद चादर से ढकने लगे हैं।
बर्फबारी के बाद मनाली की पहाड़ियां बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं। हालांकि ऊंची चोटियों पर सालभर बर्फबारी होती रहती है, लेकिन इन प्रमुख दर्रों पर सितंबर महीने में हुई यह पहली बर्फबारी है। मौसम में आए बदलाव के बाद क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है और पर्यटकों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
रोहतांग दर्रे पर चार इंच तक हिमपात
जानकारी के अनुसार, रोहतांग दर्रे पर करीब चार इंच तक बर्फ गिर चुकी है। सुबह से ही इलाके में बर्फबारी का दौर जारी रहा। बारालाचा और शिंकुला दर्रे में भी बर्फबारी दर्ज की गई है।
बर्फ गिरने के बाद पहाड़ी इलाकों का नजारा बदल गया है। सफेद बर्फ से ढकी चोटियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। हालांकि, प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर मौसम की स्थिति पर बनी हुई है।
फिलहाल यातायात सुचारू
बर्फबारी के बावजूद फिलहाल सभी प्रमुख दर्रों पर यातायात व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। वाहनों की आवाजाही जारी है और किसी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं है।
हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार यदि आने वाले समय में बर्फबारी लगातार जारी रहती है तो ऊंचाई वाले मार्गों पर फिसलन बढ़ सकती है। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना रहती है।
प्रशासन ने लोगों और वाहन चालकों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह
कुल्लू-मनाली और लाहुल-स्पीति क्षेत्र पर्यटन के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। सितंबर में हुई पहली बर्फबारी से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।
होटल संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों और स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बर्फ देखने के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।
मनाली आने वाले पर्यटक अक्सर रोहतांग दर्रे और आसपास के बर्फीले क्षेत्रों का रुख करते हैं। ऐसे में शुरुआती बर्फबारी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
मौसम में अचानक बदलाव
मौसम में आए बदलाव के कारण हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बारिश और बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सितंबर में बर्फबारी होने से मौसम में बदलाव का संकेत मिल रहा है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बर्फबारी शुरू होने के बाद प्रशासन ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। सड़कों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
किसानों और स्थानीय लोगों पर भी असर
हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का बदलाव स्थानीय जीवन को भी प्रभावित करता है। शुरुआती बर्फबारी से तापमान में गिरावट आती है और लोगों को ठंड का सामना करना पड़ता है।
वहीं, पर्यटन के लिहाज से यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि बर्फबारी शुरू होने के बाद पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है।
आगे भी जारी रह सकती है बर्फबारी
मौसम की स्थिति को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर आगे भी जारी रह सकता है। यदि लगातार बर्फ गिरती रही तो रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला जैसे दर्रों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की गई है। सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां पहाड़ों की खूबसूरती बढ़ा दी है, वहीं आने वाले दिनों के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क भी कर दिया है।





