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फर्जी एंट्री पास से शुल्क चोरी का खुलासा, कई वाहन चालक जांच के घेरे में

बद्दी। हिमाचल प्रदेश में प्रवेश शुल्क से बचने के लिए कुछ बाहरी राज्यों के वाहन चालकों द्वारा कथित रूप से फर्जी एंट्री पास का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। बद्दी स्थित हिमाचल एंट्री टोल प्वाइंट पर टोल कर्मियों ने जांच के दौरान कई ऐसे वाहनों को पकड़ा है, जिन पर संदिग्ध और कथित तौर पर नकली पास लगे हुए थे।
मामला सामने आने के बाद टोल प्रबंधन ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस थाना बद्दी में शिकायतें भी दी गई हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी पास कहां से बनाए गए और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने वाले व्यावसायिक और अन्य वाहनों से निर्धारित नियमों के अनुसार एंट्री शुल्क लिया जाता है। इस शुल्क से बचने के लिए कुछ वाहन चालक कथित रूप से अवैध तरीकों का सहारा ले रहे हैं। टोल प्वाइंट पर जांच के दौरान कर्मचारियों को कुछ वाहनों के पास पर संदेह हुआ, जिसके बाद उनकी गहन जांच की गई।
जांच में कई पास संदिग्ध पाए गए। टोल कर्मचारियों के अनुसार, कुछ वाहनों पर लगे पास देखने में सामान्य लग रहे थे, लेकिन उनकी सत्यता की जांच करने पर उनमें गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद ऐसे वाहनों को रोककर संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।
टोल कर्मियों ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी और इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी पास बनाने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि टोल प्वाइंट पर प्रवेश करने वाले वाहनों की निगरानी पहले से अधिक सख्त कर दी गई है। कर्मचारियों को संदिग्ध दस्तावेजों की पहचान करने और उनकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राजस्व नुकसान को रोका जा सके।
हिमाचल में प्रवेश करने वाले वाहनों से लिया जाने वाला शुल्क राज्य के राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में फर्जी पास के जरिए शुल्क चोरी करने की घटनाएं प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों पर भी इसका असर पड़ता है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या यह केवल कुछ वाहन चालकों तक सीमित मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। फर्जी पास तैयार करने वालों तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
टोल प्रबंधन ने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अवैध माध्यम से प्रवेश शुल्क से बचने का प्रयास न करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें फर्जी दस्तावेज बनाने या इस्तेमाल करने से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
फिलहाल पुलिस शिकायतों के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी खुलासे होने की संभावना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व चोरी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।





