हिमाचल प्रदेश

दिव्यांगजनों को बराबरी का हक और प्रोत्साहन देने पर जोर

Admindelhi1
5 Nov 2026 12:29 PM IST
दिव्यांगजनों को बराबरी का हक और प्रोत्साहन देने पर जोर
x
समाज में दिव्यांगजनों को बराबरी का अवसर देने की अपील

मंडी: अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हिमाचल प्रदेश के विशेष खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को किया सम्मानित

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने मंडी जिला के सुंदरनगर में समावेशी समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को अपनी प्रतिभा और क्षमता का पूर्ण प्रदर्शन करने के लिए समान अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

राज्यपाल बुधवार को स्पेशल ओलंपिक्स भारत, हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित दीपावली उत्सव-2026 विशेष बच्चों की क्षमताओं का उत्सव’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में हिमाचल प्रदेश के विशेष खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन पूरे प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। उनकी उपलब्धियां दृढ़ संकल्प, समावेशिता और उत्कृष्टता की सच्ची मिसाल हैं।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में समावेशी विकास और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि विकास की प्रक्रिया में कोई भी वर्ग पीछे न छूटे। उन्होंने वर्ष 2015 में पहली बार विशेष ओलंपिक पदक विजेताओं को केंद्र सरकार की नकद पुरस्कार योजना में शामिल करने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनके खेल प्रदर्शन को उचित पहचान और सम्मान मिला है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में इस योजना में किए गए संशोधन से भी दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

राज्यपाल ने इटली के ट्यूरिन में आयोजित वर्ल्ड विंटर गेम्स में हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पदक विजेता खिलाड़ियों शालिनी, अनिल कुमार, आकृति, गिरिधर और हेमचंद को बधाई दी। उन्होंने शिवांजलि और शुभम के प्रदर्शन की भी सराहना की।

स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मलिका नड्डा ने कहा कि संस्था ‘इन्क्लूजन रिवोल्यूशन’ के माध्यम से बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह अभियान समानता, एकता और सद्भाव की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स भारत खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी पहलों के माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न अवसर उपलब्ध करवा रहा है।

Next Story