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नूरपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस जिला नूरपुर की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने नशा तस्करी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपित की करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करवाई है। यह कार्रवाई नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ की गई वित्तीय जांच के आधार पर हुई है।
नूरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्म चंद वर्मा ने वीरवार को पुलिस जिला मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली ने जिला पुलिस नूरपुर की ओर से की गई वित्तीय जांच को सही मानते हुए आरोपित द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति की जब्ती की पुष्टि कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपित की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर भी शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
1 किलो 852 ग्राम चरस के साथ हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना डमटाल में नशा तस्करी के एक मामले में बलविंदर उर्फ बिल्ला, निवासी गांव छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपित के कब्जे से 1 किलो 852 ग्राम चरस बरामद की थी। नशीले पदार्थ की इतनी बड़ी मात्रा बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया और आरोपित की संपत्ति तथा उसके आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि आरोपित की आय के स्रोत क्या हैं और उसके पास मौजूद संपत्ति का नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से कोई संबंध है या नहीं।
वित्तीय जांच के बाद सामने आई संपत्ति
नशा तस्करी के मामलों में पुलिस अब केवल आरोपितों की गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अवैध कारोबार से अर्जित धन पर भी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बलविंदर उर्फ बिल्ला की वित्तीय जांच की गई।
पुलिस ने आरोपित की संपत्ति, आर्थिक गतिविधियों और कथित तौर पर नशे के कारोबार से अर्जित धन से जुड़े पहलुओं की जांच की। वित्तीय जांच के आधार पर संपत्ति की जब्ती की कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष मामला रखा गया।
अब नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी ने पुलिस की वित्तीय जांच को सही मानते हुए करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्ती की पुष्टि कर दी है।
नशे के कारोबार पर आर्थिक चोट
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए केवल तस्करों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है। इस कारोबार से अर्जित धन और संपत्ति पर कार्रवाई करना भी जरूरी है। इसी रणनीति के तहत पुलिस जिला नूरपुर में नशा तस्करी से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच पर भी जोर दिया जा रहा है।
आरोपित की करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त होने को पुलिस की इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे नशे के कारोबार में शामिल लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई से तस्करों में संदेश
पुलिस जिला नूरपुर द्वारा की गई इस कार्रवाई से नशा तस्करी में शामिल लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस का मानना है कि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई होने से तस्करों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।
नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में अक्सर बड़ी रकम का लेन-देन होता है। ऐसे में वित्तीय जांच के माध्यम से संपत्ति और धन के स्रोत का पता लगाना पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।
डमटाल और इंदौरा क्षेत्र पर पुलिस की नजर
नूरपुर पुलिस जिला नशे की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। डमटाल और इंदौरा सहित सीमावर्ती इलाकों में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस समय-समय पर अभियान चलाती रही है।
बलविंदर उर्फ बिल्ला की गिरफ्तारी भी इसी अभियान के तहत हुई थी। चरस की बरामदगी के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपित की आर्थिक गतिविधियों पर भी ध्यान केंद्रित किया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अवैध संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
करीब 3.32 करोड़ की संपत्ति जब्त होना बड़ी कार्रवाई
आरोपित की करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्ती को नूरपुर पुलिस की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस नशे के कारोबार की पूरी आर्थिक श्रृंखला को तोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
एएसपी धर्म चंद वर्मा ने पत्रकार वार्ता में कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि सक्षम प्राधिकारी ने पुलिस की वित्तीय जांच को सही माना है। इसके बाद संपत्ति की जब्ती की पुष्टि हुई है।
नशामुक्ति अभियान को मिलेगी मजबूती
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में ऐसी कार्रवाई का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नशे का कारोबार समाज और युवाओं पर गंभीर प्रभाव डालता है। पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों के साथ-साथ अवैध कमाई और संपत्ति पर कार्रवाई किए जाने से इस नेटवर्क को आर्थिक रूप से कमजोर करने में मदद मिल सकती है।
नूरपुर पुलिस की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एक ओर जहां बलविंदर उर्फ बिल्ला के खिलाफ नशा तस्करी का मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है, वहीं दूसरी ओर उसकी कथित अवैध कमाई से जुड़ी संपत्ति पर भी कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पुलिस जिला नूरपुर ने साफ संकेत दिया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा। तस्करी से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे कानून के तहत जब्त कराने की कार्रवाई भी जारी रहेगी। करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति की जब्ती इसी सख्त रणनीति का हिस्सा है, जिससे नशे के कारोबार की आर्थिक जड़ों पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है।





