हिमाचल प्रदेश

लाहौल-स्पीति में बुनियादी ढांचे की कमी पर जिला परिषद ने जताई चिंता

Kiran
24 Oct 2026 3:31 PM IST
लाहौल-स्पीति में बुनियादी ढांचे की कमी पर जिला परिषद ने जताई चिंता
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केलोंग में आयोजित एक बैठक में, लाहौल-स्पीति जिला परिषद ने चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई चिंताएं उठाईं। इनमें सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाएं और सार्वजनिक परिवहन जैसे मुद्दे शामिल थे।
इस बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष थिनले डेचेन ने की। इसमें इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (ITDP) के प्रोजेक्ट ऑफिसर अश्वनी कुमार, जिला पंचायत अधिकारी और जिला परिषद के सचिव संजय कुमार, चुने हुए प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और जनता की शिकायतों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए विभागों और जिला परिषद के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए।
पर्यटन से जुड़ा बुनियादी ढांचा एक अहम मुद्दा बनकर उभरा। सदस्यों ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उपयुक्त पार्किंग स्थल चिह्नित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इन जगहों को तय करने में पुलिस और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की मदद ली जाएगी। सदस्यों ने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सार्वजनिक शौचालय, जानकारी और दिशा-निर्देश देने वाले बोर्ड, सुरक्षा इंतजाम और रेलिंग लगाने की जरूरत भी बताई। त्रिलोकीनाथ बस स्टैंड के पास सार्वजनिक शौचालय बनाने पर भी चर्चा हुई।
बिजली आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं भी उठाई गईं, खासकर सिसु और शशिन नाला इलाके में ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर बात हुई। बिजली की लाइनें जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बिछाने की संभावना पर भी चर्चा की गई। लोक निर्माण विभाग (PWD) और जल शक्ति विभाग से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। ग्रामीण बुनियादी ढांचे और शिक्षा से जुड़े मुद्दों में पंचायत भवन का निर्माण और गुशल पंचायत में आंगनवाड़ी भवन की उपलब्धता शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि सीनियर सेकेंडरी स्कूल की इमारत में आंगनवाड़ी केंद्र चलाया जा सकता है। सदस्यों ने कोलोंग पंचायत में सरकारी प्राथमिक विद्यालय को फिर से खोलने की मांग पर भी चर्चा की।
बैठक में हिमाचल सड़क परिवहन निगम (HRTC) की सेवाओं में सुधार का मुद्दा भी उठाया गया। सदस्यों ने उन इलाकों के लिए बस के समय और परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की, जहां अभी नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। बैठक में किसानों और बागवानों को फसलों और फलों की बीमारियों के बारे में जागरूक करने के लिए गांव-गांव में जागरूकता शिविर लगाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि वे पौधों की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करें (जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें) और अपने-अपने विभागों में स्वीकृत पदों का विवरण जल्द से जल्द जमा करें। काज़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को भी उजागर किया गया। सदस्यों ने डॉक्टरों, दवाओं, एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की बेहतर उपलब्धता की मांग की, ताकि स्थानीय लोगों को समय पर इलाज मिल सके।
इस बैठक में ज़िला परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश कुमार, कोलोंग, जाहलमा, उदयपुर, केलोंग, सिसु और त्रिलोकीनाथ का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य, तथा बिजली, लोक निर्माण, कृषि, परिवहन और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
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