हिमाचल प्रदेश

Palampur College में मॉडर्न युग में भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर चर्चा

Ratna Netam
8 May 2026 1:47 PM IST
Palampur College में मॉडर्न युग में भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर चर्चा
x
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा गवर्नमेंट कॉलेज में हाल ही में “मॉडर्न युग में भारतीय ज्ञान प्रणालियों की प्रासंगिकता” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को भारतीय ज्ञान परंपराओं, उनके आधुनिक समय में महत्व और उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया और भारतीय ज्ञान प्रणालियों,
जैसे आयुर्वेद, योग, वेदिक गणित, वास्तु विज्ञान और प्राचीन शिक्षा प्रणाली पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि इन प्राचीन प्रणालियों में न केवल आध्यात्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण शामिल हैं, बल्कि व्यावहारिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी इन्हें आधुनिक जीवन में लागू किया जा सकता है।
मुख्य वक्ता ने कहा, “भारतीय ज्ञान प्रणालियाँ केवल ऐतिहासिक महत्व की नहीं हैं, बल्कि आज भी हमारे दैनिक जीवन, विज्ञान, तकनीक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। इन्हें समझना और अपनाना युवा पीढ़ी के लिए लाभकारी होगा।”
छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई और विभिन्न प्रश्न पूछकर विषय की गहराई को समझने का प्रयास किया। उन्होंने आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान प्रणालियों को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया। छात्रों ने कहा कि यह न केवल उनकी संस्कृति और परंपरा को जानने में मदद करता है, बल्कि उनके व्यावहारिक और पेशेवर जीवन में भी उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों की समग्र विकास प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं है, बल्कि छात्रों में सोचने की क्षमता, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम उन्हें भारतीय ज्ञान प्रणालियों की आधुनिक प्रासंगिकता से परिचित करवा रहे हैं।”
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि आयुर्वेद और योग जैसी प्रणालियों को आधुनिक चिकित्सा और फिटनेस प्रोग्रामों में शामिल करना संभव है। वेदिक गणित और वास्तु विज्ञान का उपयोग शिक्षा और वास्तुकला में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इस तरह की जानकारी छात्रों को अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन में नवाचार और दक्षता लाने के लिए प्रेरित करती है।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की और आशा जताई कि भविष्य में ऐसे और भी सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह न केवल भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान बढ़ाता है, बल्कि युवाओं को उनके ज्ञान और कौशल को आधुनिक संदर्भ में लागू करने का अवसर भी देता है।
Next Story