हिमाचल प्रदेश

Dharamshala: महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति: Vinay Kumar

Admindelhi1
23 April 2026 11:10 AM IST
Dharamshala: महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति: Vinay Kumar
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धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश की जनता को गुमराह कर रही है और इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। बुधवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला आरक्षण की आड़ में एक सुनियोजित रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं की हितैषी है, तो वर्ष 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक षड्यंत्र के तहत इस विधेयक को दोबारा लोकसभा में पेश किया क्योंकि केंद्र सरकार को पहले से अंदेशा था कि यह विधेयक पारित नहीं हो पाएगा, और इसी कारण इसे दोबारा पेश किया गया, ताकि भविष्य के चुनावों में इसे एक राजनीतिक मुद्दे के रूप में भुनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा रहा है। देश को पहली महिला प्रधानमंत्री, पहली महिला लोकसभा स्पीकर और महिला मुख्यमंत्री देने का श्रेय कांग्रेस को जाता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है, लेकिन इसे लागू करने से पहले देश में जाति आधारित जनगणना कराना आवश्यक है। उनका मानना है कि इससे समाज के सभी वर्गों को समान और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि बिना जातीय आंकड़ों के महिला आरक्षण लागू करने से कई वर्गों के साथ अन्याय हो सकता है।

इसलिए सरकार को पहले व्यापक जनगणना कराकर सामाजिक ढांचे की सही तस्वीर सामने लानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को बिना किसी शर्त के 543 लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिला बिल की आड़ में परिसीमन (डिलिमिटेशन) का मुद्दा जोड़कर उसे जटिल बना रही है, जिसका विपक्ष ने विरोध किया है।

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