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Dharamshala: पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल मार्ग जल्द खुलने की संभावना

धर्मशाला: पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरोगेज रेलखंड पर रेल सेवाओं की बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पिछले लंबे अरसे से इस रेल मार्ग पर बंद पड़ी रेल सेवा के फिर से शुरू हिने की उम्मीद बढ़ी है। इसी कड़ी में रेल संरक्षा आयुक्त (उत्तरी परिमंडल), नई दिल्ली द्वारा आगामी 24 और 25 फरवरी को इस रेलखंड पर विभिन्न परियोजनाओं का वैधानिक निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण का मुख्य केंद्र चक्की नदी पर पुनर्निर्मित ब्रिज नंबर 32 रहेगा, जो पिछले काफी समय से इस रेल मार्ग की सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था।
दिल्ली से रवाना होगा निरीक्षण दल
भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत रेल संरक्षा आयोग द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, रेल संरक्षा आयुक्त दिनेश चंद्र देशवाल 23 फरवरी को दिल्ली से एक विशेष निरीक्षण ट्रेन द्वारा रवाना होंगे। यह दल 24 फरवरी को सुबह 7 बजे पठानकोट पहुंचेगा, जहां से सुबह 9 बजे निरीक्षण की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। इस दौरान उत्तरी रेलवे के निर्माण, इंजीनियरिंग और संचालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जम्मू मंडल के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान चक्की नदी पर बने नए ब्रिज नंबर 32 के साथ-साथ पठानकोट–डलहौजी रोड–नूरपुर के बीच स्थित 19.9 किलोमीटर लंबे बंद पड़े रेलखंड का भी जायजा लिया जाएगा। यह खंड वर्तमान में उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल के अधिकार क्षेत्र में आता है। निरीक्षण दल न केवल पुल की मजबूती की जांच करेगा, बल्कि ट्रैक की सुरक्षा और परिचालन की तकनीकी बारीकियों को भी परखेगा।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में नूरपुर से लेकर जोगिंदर नगर तक की पूरी नैरोगेज रेल प्रणाली का विस्तृत निरीक्षण प्रस्तावित है। 25 फरवरी को जोगिंदर नगर से पठानकोट तक का सफर सड़क मार्ग से तय किया जाएगा, जिसके बाद रात 10 बजे निरीक्षण स्पेशल ट्रेन पठानकोट से वापस दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगी। यह दल 26 फरवरी को सुबह 6 बजे दिल्ली पहुंचेगा।
इस निरीक्षण पर स्थानीय निवासियों और रेल यात्रियों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। कांगड़ा घाटी की जीवनरेखा मानी जाने वाली इस नैरोगेज लाइन पर पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण लंबे समय से रेल यातायात प्रभावित है। माना जा रहा है कि रेल संरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलते ही इस रेलखंड पर ट्रेनों के सुचारू संचालन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय परिवहन को बड़ा बल मिलेगा।





