हिमाचल प्रदेश

Dharamshala: निर्वासित तिब्बत संसद के लिए अंतिम चरण का मतदान

Admindelhi1
27 April 2026 10:28 AM IST
Dharamshala: निर्वासित तिब्बत संसद के लिए अंतिम चरण का मतदान
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धर्मशाला:18वीं निर्वासित तिब्बत संसद के चुनाव का दूसरा एवं अंतिम चरण का मतदान रविवार को भारत सहित विदेशों में भी हुआ। इस चुनाव प्रक्रिया में दुनिया के 27 देशों में बसे तिब्बती समुदाय के मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत किया। निर्वासित सरकार के मुख्यालय धर्मशाला में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां तिब्बती समुदाय के लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जुटे रहे। निर्वासित तिब्बतियों का कहना है कि यह चुनाव चीन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे तिब्बत के मुद्दे से पीछे नहीं हटे हैं और उनका संघर्ष लगातार जारी है।

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के मुख्य चुनाव आयुक्त लोबसांग येशी ने बताया कि चुनावों के सफल संचालन के लिए 27 देशों में 58 क्षेत्रीय चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव के लिए लगभग 91 हजार मतदाता पंजीकृत हुए हैं। चीन द्वारा चुनावों के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चीन इन चुनावों को अवैध बताने की कोशिश करता है, जबकि तिब्बती समुदाय अपनी निर्वासित सरकार को ही वैध मानता है और सीटीए के माध्यम से उनका लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी है।

गौरतलब है कि हालांकि पहले चरण के मतदान में ही यह तय हो चुका है कि दूसरी बार फिर सिक्योंग के चुनाव में प्रत्याशी पेंपा सेरिंग की जीत हुई है। पहले चरण के मतदान में पेंपा सेरिंग के पक्ष में मतदान की प्रतिशतता ने तय कर दिया है कि वह दूसरी बार इस पद का जिम्मा संभालेंगे।

एक फरवरी को हुआ था पहले चरण का मतदान

चुनाव का पहला चरण एक फरवरी को हुआ था। इस चुनाव में कुल 51,140 तिब्बतियों ने हिस्सा लिया, जिसमें पेंपा सेरिंग के निकटतम प्रतिद्वंद्वी केल्सांग दोरजी को 17,843 और सेरिंग फुंटसोक को मात्र 159 वोट मिले।

​यह चुनावी प्रक्रिया एक फरवरी को 27 देशों में फैले 87 क्षेत्रीय चुनाव कार्यालयों के तत्वावधान में 309 पोलिंग जोन में आयोजित की गई थी।

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