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Dharamshala: शीत सत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे 1100 कर्मी

धर्मशाला: धर्मशाला के तपोवन में 26 नवंबर से पांच दिसंबर तक चलने वाले विधानसभा सत्र को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालने के लिए 1100 के करीब अधिकारी व पुलिस जवान 25 नवंबर मंगलवार से तैनात हो जाएंगे। पुलिस मैदान धर्मशाला में एसपी कांगड़ा अशोक रत्न की ओर से ब्रिफिंग करने के बाद पुलिस जवानों की तैनाती हो जाएगी। धर्मशाला से तपोवन व जन प्रतिनिधियों के रहने वाले स्थानों सहित कुल 10 सेक्टरों में धर्मशाला को विभाजित किया गया है, जिसमें पुलिस का सख्त पेहरा रहेगा। सरकार के नुमांइदों से मिलने आने वाले जनप्रतिनिधियों व लोगों को भी पहले जोरावर सिंह मैदान में ही रोका जाएगा। पास मिलने के बाद ही निर्धारित लोगों को प्रवेश प्रदान किया जाएगा।
इस बारे में जिला पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से धर्मशाला को 10 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सत्र के दौरान कुल 1100 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो चौकसी बनाए रखेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन व सीसीटीवी के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए विशेष तौर पर विधानसभा और पुलिस मुख्यालय को ऑपरेशनल हब के रूप में स्थापित किया गया है।
एसपी ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान यदि कोई संगठन अपनी बात रखने, प्रदर्शन करने या ज्ञापन सौंपने की योजना बनाता है, तो उनके लिए जोरावर स्टेडियम में विशेष व्यवस्था की गई है, वहां से डेलिगेट्स को पुलिस की निगरानी में विधानसभा परिसर ले जाया जाएगा। वहीं, जो लोग विधानसभा की कार्यवाही को लाइव देखना चाहते हैं, उनके लिए विधानसभा परिसर के बाहर विशेष स्क्रीनिंग व्यवस्था की गई है। इससे विधानसभा परिसर में भीड़भाड़ नहीं होगी, और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
उधर, एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर सिंह ने बताया कि धर्मशाला में 26 नवंबर से पांच दिसंबर तक विधानसभा का शीतकालीन सत्र होगा। मंगलवार से 1100 पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वह पहले की तरह प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, वाहन सड़क किनारे पार्क न करें, और पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें।





