हिमाचल प्रदेश

Himachal में बुजुर्गों पर बढ़ रहे साइबर अपराध, पुलिस सतर्क

Ratna Netam
24 April 2026 6:39 PM IST
Himachal में बुजुर्गों पर बढ़ रहे साइबर अपराध, पुलिस सतर्क
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में सीनियर सिटिज़न्स यानी बुजुर्ग नागरिकों को साइबर क्राइम का तेजी से खतरा बढ़ता दिख रहा है। पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बुजुर्गों को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, बैंकिंग स्कैम और अन्य डिजिटल धोखाधड़ी के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
राज्य पुलिस के साइबर सेल अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में 60 वर्ष से अधिक आयु के कई लोगों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा है। अक्सर क्रिमिनल्स उन्हें फोन, ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करते हैं और नकली बैंक या सरकारी एजेंसी के रूप में पेश होकर पैसे हड़पने की कोशिश करते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि सीनियर सिटिज़न्स साइबर अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं क्योंकि उन्हें तकनीकी जानकारी सीमित होती है और वे ऑनलाइन धोखाधड़ी के संकेत पहचानने में अक्सर असमर्थ रहते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन और व्यक्तिगत डेटा के इस्तेमाल में सतर्क रहना चाहिए।
हिमाचल पुलिस ने राज्य भर के वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है। इस अभियान में साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देने वाले वर्कशॉप, सेमिनार और डिजिटल सुरक्षा गाइड शामिल हैं। पुलिस ने बुजुर्गों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या ईमेल पर विश्वास न करें और तुरंत पुलिस या बैंक से पुष्टि करें।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि बुजुर्गों को मजबूत पासवर्ड, दो-चरणीय प्रमाणीकरण और केवल आधिकारिक वेबसाइट या एप्स का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, अनजान लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करना और किसी भी वित्तीय जानकारी को साझा न करना बेहद जरूरी है।
राज्य के कई वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि हाल ही में उन्हें नकली कॉल के जरिए बैंक खाता अपडेट करने या क्रेडिट कार्ड डेटा साझा करने के लिए कहा गया। कुछ मामलों में, पुलिस ने समय पर कार्रवाई करके धन की हानि को रोका।
हिमाचल पुलिस और साइबर सेल ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों को पकड़ने और उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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