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- शिमला में नशा तस्करों...

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Shimla शिमला ज़िला पुलिस ने इस साल अब तक ड्रग्स की तस्करी करने वाले 61 नेटवर्क को तोड़ा है, जो पिछले सालों की तुलना में काफ़ी ज़्यादा है। पुलिस के अनुसार, 2025 में तीन और 2024 में चार नेटवर्क तोड़े गए थे। 2026 में ड्रग्स सप्लाई करने वाले लगभग 80 मुख्य लोगों को गिरफ़्तार किया गया, जबकि 2025 में 14 और 2024 में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया था।
शिमला (शहर) की एडिशनल SP मेहर पंवार का कहना है कि पुलिस ने इस साल ड्रग्स तस्करी से निपटने का अपना तरीका बदला है, जिसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। वह कहती हैं, "पहले ज़्यादा से ज़्यादा केस दर्ज करने पर ध्यान दिया जाता था। अब बड़ी और अहम बरामदगी, मुख्य सप्लायर की गिरफ़्तारी, बैकवर्ड लिंकेज (सप्लाई चेन में पीछे की कड़ियों का पता लगाना), तकनीकी और वित्तीय जांच और अंतर-राज्यीय तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। ड्रग्स की तस्करी करने वाले आदतन अपराधियों को भी PIT-NDPS एक्ट के तहत जेल भेजा जा रहा है।"
उनका कहना है कि यह रणनीति सिर्फ़ बरामदगी और गिरफ़्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद मुख्य सप्लायर और सप्लाई चेन में शामिल हर व्यक्ति तक पहुँचना है। पुलिस मामलों में मिले सुरागों, डिजिटल सबूतों, मोबाइल डेटा, CDR, IPDR और अन्य तकनीकी सबूतों का विश्लेषण करके बैकवर्ड लिंकेज का पता लगा रही है।
मेहर बताती हैं कि 3 अगस्त को एक गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के रहने वाले विजय कुमार को शोघी के पास 1.12 किलोग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ पकड़ा। मार्च में, पुलिस ने 562 LSD स्टैम्प ज़ब्त करके एक अंतर-राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर केरल के मुख्य सप्लायर को गिरफ़्तार किया गया। तकनीकी और डिजिटल जांच से चार पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत का भी पता चला, जिन्हें गिरफ़्तार किया गया और बाद में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
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