हिमाचल प्रदेश

डीजल के मुकाबले कितनी किफायती, आकलन मेें जुटा निगम प्रबंधन

Shreya
11 Aug 2023 7:16 AM GMT
डीजल के मुकाबले कितनी किफायती, आकलन मेें जुटा निगम प्रबंधन
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धर्मशाला: हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चलाई जा रही बसों का पिछले 42 दिनों में करीब साढ़े पांच लाख रुपए खर्च हुआ है। ये बसें डीजल के मुकाबले कितनी किफायती हैं परिवहन निगम इस बात का आकलन कर रहा है। इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए स्थापित चार्जिंग स्टेशन का पहले 42 दिनों का बिल पांच लाख 32 हजार रुपए आया है। ऐसे में अब निगम प्रबंधन इस आकलन में जुट गया है कि डीजल के मुकाबले इलेक्ट्रिक बस सेवा कितनी किफायती है। मई माह में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत निगम के धर्मशाला डिपो के बेड़े में 15 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई थी। इसके बाद इसका संचालन शुरू हो पाया था। इन 15 बसों के माध्यम से धर्मशाला डिपो के 49 रूटों का संचालन किया जा रहा है। निगम से मिली जानकारी के अनुसार धर्मशाला डिपो में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के बाद डिपो की आय में तीन फीसदी इजाफा दर्ज हुआ है।

एक इलेक्ट्रिक बस को फुल चार्ज होने में एक घंटा लगता है। डिपो के अंतर्गत सबसे लंबा रूट धर्मशाला-टांडा-32 मील है, जिसकी लंबाई करीब 170 किलोमीटर है। यह इलेक्ट्रिक बसें उतराई में खुद-ब-खुद भी चार्ज होती हैं। इलेक्ट्रिक बसों के लिए धर्मशाला बस स्टैंड के पीछे स्थापित चार्जिंग स्टेशन का पहला बिल आने के बाद अब निगम प्रशासन इस जमा-जोड़ में जुट गया है कि ये बसें डीजल के मुकाबले कितनी फायदेमंद हैं। निगम को मिले बिल के आधार पर यह आकलन किया जा रहा है कि 42 दिन का जो बिल आया है। इस अवधि में इलेक्ट्रिक बसें कितने किलोमीटर चली हैं, बिजली की खपत कितनी हुई, डीजल कितना लगना था, इन सभी विषयों को ध्यान में रखकर अब निगम माथापच्ची करने में जुट गया है।

एचआरटीसी के डीएम पंकज चड्ढा ने क्या कहा

एचआरटीसी के डीएम पंकज चड्ढा का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के लिए स्थापित चार्जिंग स्टेशन का 42 दिन का बिजली बिल 5.32 लाख रुपए आया है। इन बसों के संचालन के बाद धर्मशाला डिपो की आय में तीन फीसदी वृद्धि दर्ज हुई है। बिजली बिल के आधार पर यह आकलन किया जा रहा है कि 42 दिन में इलेक्ट्रिक बसें कितने किलोमीटर चली, कितनी बिजली की खपत हुई और कितना डीजल लगना था। पूरे आकलन के बाद ही किफायत का पता चल पाएगा।

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