हिमाचल प्रदेश

एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट ऋतु नेगी को एक करोड़ के इनाम से बाहर रखने पर विवाद

Kavita2
8 Oct 2026 5:46 PM IST
एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट ऋतु नेगी को एक करोड़ के इनाम से बाहर रखने पर विवाद
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता महिला कबड्डी खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा के बाद विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम में हिमाचल प्रदेश की चार खिलाड़ी शामिल थीं, लेकिन राज्य सरकार ने बढ़ी हुई पुरस्कार राशि की घोषणा में केवल तीन खिलाड़ियों के नाम शामिल किए हैं। चौथी खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार विजेता ऋतु नेगी का नाम सूची में नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। सिरमौर जिले की रहने वाली ऋतु नेगी की शादी हरियाणा में हुई है। इसी वजह से उनका नाम पुरस्कार सूची से हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, राज्य सरकार ने शादी को पुरस्कार नहीं देने का आधिकारिक कारण नहीं बताया है। ऋतु नेगी ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।

तीन खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये देने की घोषणा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 5 अक्टूबर 2026 को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला कबड्डी टीम की तीन हिमाचली खिलाड़ियों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की।

इन खिलाड़ियों में भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें सरकारी सेवा में अवसर देने की भी घोषणा की।

लेकिन इस घोषणा में ऋतु नेगी का नाम शामिल नहीं था। इससे खिलाड़ी और उनके परिवार को निराशा हुई।

पहले सूची में शामिल था ऋतु नेगी का नाम

इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती पुरस्कार सूची में ऋतु नेगी का नाम शामिल था।

28 सितंबर को हिमाचल प्रदेश सरकार ने एशियाई खेलों के पदक विजेताओं के लिए लगभग 5.33 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की थी।

उस समय चारों कबड्डी खिलाड़ियों को 33.33 लाख रुपये प्रति खिलाड़ी देने की घोषणा हुई थी।

इस सूची में पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर, भावना ठाकुर और ऋतु नेगी शामिल थीं।

लेकिन जब पुरस्कार राशि बढ़ाकर एक करोड़ रुपये की गई, तो नई घोषणा में ऋतु नेगी का नाम नहीं रहा।

हरियाणा में शादी होने पर उठे सवाल

ऋतु नेगी मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की रहने वाली हैं। शादी के बाद उनका पारिवारिक संबंध हरियाणा से जुड़ गया।

उनका नाम पुरस्कार सूची से बाहर होने पर सवाल उठ रहा है कि क्या शादी के बाद दूसरे राज्य से जुड़ाव इसकी वजह बना।

हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई अंतिम आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

ऋतु नेगी के पिता भवान सिंह नेगी ने भी सवाल उठाया कि क्या शादी होने से उनकी बेटी की हिमाचली पहचान बदल जाती है।

उन्होंने कहा कि ऋतु नेगी ने लंबे समय तक प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। ऐसी स्थिति में उनका योगदान नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

ऋतु नेगी ने जताई नाराजगी

पुरस्कार सूची से नाम हटने के बाद ऋतु नेगी ने निराशा व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक सरकार उन्हें हिमाचल की बेटी मानकर बधाई दे रही थी।

मुख्यमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर उनकी उपलब्धि की सराहना की थी। लेकिन बढ़ी हुई पुरस्कार राशि की घोषणा के दौरान उनका नाम गायब हो गया।

ऋतु नेगी का कहना है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि अचानक ऐसा क्या बदल गया।

उन्होंने सरकार से पूछा है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उन्हें सम्मान से अलग क्यों किया गया।

ऋतु नेगी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखने की इच्छा भी जताई है।

तीन एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व

ऋतु नेगी भारतीय महिला कबड्डी की अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं।

उन्होंने लगातार तीन एशियाई खेलों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है।

उनके नाम दो स्वर्ण पदक और एक रजत पदक दर्ज हैं।

वर्ष 2018 में उन्होंने भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ रजत पदक जीता था। इसके बाद 2023 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया।

अब वर्ष 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भी भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता।

ऋतु नेगी इस विजेता टीम का हिस्सा थीं। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

हिमाचल के लिए खेल चुकी हैं कई प्रतियोगिताएं

ऋतु नेगी ने अपने खेल करियर की शुरुआत हिमाचल प्रदेश से की थी।

उन्होंने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पदक हासिल किए।

उनका कहना है कि वह वर्तमान में रेलवे में कार्यरत हैं और घरेलू प्रतियोगिताओं में हरियाणा का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

उन्होंने यह भी बताया कि वह कई बार हिमाचल प्रदेश की ओर से खेल चुकी हैं।

इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया है कि उनके लंबे खेल करियर के अंतिम चरण में प्रदेश सरकार उन्हें पुरस्कार से अलग क्यों कर रही है।

हरियाणा से भी मिलेगी पुरस्कार राशि

ऋतु नेगी ने स्वीकार किया है कि उन्हें हरियाणा सरकार की खेल नीति के अंतर्गत भी पुरस्कार राशि मिलने वाली है।

हालांकि, उनका तर्क है कि कुछ खिलाड़ी एक से अधिक राज्यों से सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।

उनके अनुसार, पुरस्कार का निर्णय केवल शादी या निवास स्थान के आधार पर नहीं, बल्कि खिलाड़ी के योगदान और संबंधित खेल नीति के प्रावधानों को ध्यान में रखकर होना चाहिए।

इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हिमाचल सरकार की खेल पुरस्कार नीति में एक से अधिक राज्यों से पुरस्कार प्राप्त करने या वैवाहिक स्थिति को लेकर क्या प्रावधान लागू होते हैं।

खेल मंत्री ने कही मामले की जांच की बात

विवाद बढ़ने के बाद हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री यादविंदर गोमा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

उन्होंने कहा कि ऋतु नेगी का नाम सूची से बाहर होने का कारण उन्हें फिलहाल मालूम नहीं है।

खेल मंत्री ने संबंधित फाइल देखने और मुख्यमंत्री से बातचीत करने की बात कही है।

इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि पुरस्कार सूची में बदलाव के संबंध में अभी सरकारी स्तर पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।

खेल विभाग की समीक्षा के बाद ही पता चलेगा कि ऋतु नेगी को बढ़ी हुई पुरस्कार राशि देने के संबंध में आगे क्या निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा नेता बलदेव तोमर ने सरकार से मांगा जवाब

ऋतु नेगी का नाम पुरस्कार सूची में शामिल नहीं होने पर भाजपा प्रवक्ता एवं शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने भी सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाने का फैसला स्वागतयोग्य है।

लेकिन ऋतु नेगी को इससे अलग रखने का आधार सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।

तोमर ने कहा कि किसी बेटी की शादी दूसरे राज्य में होने से उसकी जन्मभूमि और प्रदेश के लिए किए गए योगदान की पहचान समाप्त नहीं होती।

उन्होंने मुख्यमंत्री से ऋतु नेगी को भी उचित सम्मान और पुरस्कार राशि देने की मांग की है।

खेल पुरस्कार नीति की पारदर्शिता पर सवाल

इस घटनाक्रम ने हिमाचल प्रदेश की खेल पुरस्कार नीति को लेकर भी बहस शुरू कर दी है।

खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के लिए राज्य सरकार के निर्धारित नियम होते हैं।

इनमें प्रतियोगिता का स्तर, पदक की श्रेणी, खिलाड़ी की पात्रता और अन्य शर्तें महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

लेकिन यदि किसी खिलाड़ी का नाम पहले पुरस्कार सूची में शामिल हो और बाद में बिना स्पष्ट कारण हटा दिया जाए, तो संबंधित निर्णय पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

ऋतु नेगी के मामले में भी यही स्थिति सामने आई है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार पुरस्कार सूची में बदलाव का क्या कारण बताती है।

सरकार के अगले फैसले पर नजर

एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम में हिमाचल प्रदेश की चार खिलाड़ी शामिल थीं।

सरकार की शुरुआती घोषणा में चारों खिलाड़ियों को पुरस्कार देने की बात कही गई थी।

लेकिन राशि बढ़ाकर एक करोड़ रुपये प्रति खिलाड़ी करने के दौरान ऋतु नेगी का नाम शामिल नहीं किया गया।

इससे खिलाड़ी, उनके परिवार और राजनीतिक नेताओं के बीच सवाल उठे हैं।

फिलहाल हिमाचल सरकार ने ऋतु नेगी का नाम हटाने का निश्चित कारण सार्वजनिक नहीं किया है। खेल मंत्री ने मामले की समीक्षा करने की बात कही है। अब सरकार के स्पष्टीकरण और अगले निर्णय से ही स्पष्ट होगा कि स्वर्ण पदक विजेता ऋतु नेगी को बढ़ी हुई पुरस्कार राशि मिलेगी या नहीं।

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