हिमाचल प्रदेश

सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती समारोह पर भाजपा नेताओं की टिप्पणी से विवाद

Kavita2
1 Oct 2026 12:46 PM IST
सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती समारोह पर भाजपा नेताओं की टिप्पणी से विवाद
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की दिवंगत पत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती पर आयोजित स्मृति एवं सम्मान समारोह को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। हरोली क्षेत्र से भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं ने इस आयोजन पर सवाल उठाए हैं। हरोली के भाजपा नेता प्रो. राम कुमार के बाद पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक अजय जोशी ने भी कार्यक्रम और प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के योगदान को लेकर तीखी टिप्पणी की, जिसके बाद बयान की भाषा और मर्यादा को लेकर चर्चा तेज हो गई।

अजय जोशी ने स्मृति कार्यक्रम को लेकर आरोप लगाया कि इसे राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने और सार्वजनिक प्रभाव बनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के योगदान पर भी सवाल उठाए। यह भाजपा नेता का राजनीतिक आरोप है। कार्यक्रम आयोजकों और उपमुख्यमंत्री पक्ष का कहना है कि यह आयोजन प्रो. सिम्मी के शिक्षा, शोध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े योगदान को याद करने के लिए किया गया था।

प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की जयंती पर 29 सितंबर को प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय महाविद्यालय, हरोली में स्मृति एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कॉलेज परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरदास मान ने भी प्रस्तुति दी।

आयोजन के दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री का जीवन शिक्षा और समाजसेवा से जुड़ा रहा। उन्होंने कहा कि उनकी स्मृतियां हरोली क्षेत्र के लोगों के बीच आज भी जीवंत हैं। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को भी प्रमुख स्थान दिया गया और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया गया।

प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर रही थीं। उनके बारे में कार्यक्रम आयोजकों ने कहा कि उन्होंने अध्यापन, शोध और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया। हरोली क्षेत्र से भी उनका सामाजिक जुड़ाव रहा।

इस कार्यक्रम के बाद विपक्षी नेताओं की ओर से की गई टिप्पणियों ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया। अजय जोशी ने आयोजन को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और इसे दिखावा तथा सहानुभूति की राजनीति से जोड़ा। उनके बयान को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

इससे पहले भाजपा नेता प्रो. राम कुमार ने भी स्मृति समारोह को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद अजय जोशी की टिप्पणी सामने आने से विवाद और गहरा गया। हालांकि भाजपा की ओर से पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक राज्यस्तरीय बयान सामने नहीं आया है। इसलिए दोनों नेताओं की टिप्पणियों को उनके व्यक्तिगत राजनीतिक बयान के तौर पर ही देखा जा रहा है।

मुकेश अग्निहोत्री की ओर से भी पहले कई मौकों पर प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। वर्ष 2024 में उनकी जयंती पर ‘एहसास’ नाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें उनके शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े कार्यों को याद किया गया था।

इसी तरह उनकी पुण्य स्मृति में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री के सार्वजनिक रिकॉर्ड में ऐसे आयोजनों को निजी स्मृति के साथ सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।

इस बार आयोजित समारोह में कॉलेज के विकास से जुड़ी घोषणा भी हुई। मुकेश अग्निहोत्री ने प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय महाविद्यालय में करीब 9.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले साइंस ब्लॉक की आधारशिला रखी। उन्होंने इसे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाने से जोड़ा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। कुछ रिपोर्टों के अनुसार कॉलेज परिसर में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उपलब्ध स्थान कम पड़ गया। आयोजकों ने इसे प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री के प्रति स्थानीय लोगों के सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के रूप में पेश किया।

दूसरी ओर भाजपा नेताओं का आरोप है कि स्मृति कार्यक्रमों को राजनीतिक स्वरूप दिया जा रहा है। अजय जोशी की टिप्पणी इसी राजनीतिक आलोचना का हिस्सा बताई जा रही है। हालांकि किसी दिवंगत व्यक्ति के योगदान और स्मृति कार्यक्रम को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

हरोली विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से मुकेश अग्निहोत्री का राजनीतिक क्षेत्र रहा है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी नई नहीं है। हाल के महीनों में भी दोनों पक्ष विकास कार्यों और क्षेत्रीय राजनीति को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।

मौजूदा विवाद में मुख्य मुद्दा अब केवल समारोह नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा भी चर्चा में आ गई है। किसी सार्वजनिक व्यक्ति की दिवंगत पत्नी और उनके योगदान को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर समर्थक और विरोधी अपने-अपने तर्क दे रहे हैं।

फिलहाल अजय जोशी के बयान के बाद हरोली की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना है। एक ओर भाजपा से जुड़े नेता समारोह को राजनीतिक कार्यक्रम बताकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आयोजक इसे प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की स्मृति, शिक्षा और सामाजिक योगदान को समर्पित कार्यक्रम बता रहे हैं।

इस पूरे मामले में अब नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा या कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल स्मृति एवं सम्मान समारोह के बाद शुरू हुई यह राजनीतिक बहस हरोली और ऊना की स्थानीय राजनीति में प्रमुख मुद्दा बन गई है।

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