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हिमाचल प्रदेश
राहुल गांधी की हिरासत पर शिमला में कांग्रेस का हल्लाबोल
Ratna Netam
7 Oct 2026 3:25 PM IST

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शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने बुधवार को राजधानी शिमला में लोक भवन के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रियों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोक भवन के बाहर नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नारे लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी “वोट चोरी” के जरिए सत्ता में आने की कोशिश कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क पर उतरे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, विपक्ष के नेताओं और सांसदों को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार और संवैधानिक संस्थाओं से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। यदि विपक्ष को अपनी बात कहने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने से रोका जाता है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अन्य सांसदों की हिरासत केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि संविधान, असहमति और जनता की आवाज पर हमला है।
दिल्ली में मंगलवार को INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका, जिसके बाद कई नेता धरने पर बैठ गए। बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था। उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
हिमाचल कांग्रेस ने इसी कार्रवाई के खिलाफ बुधवार को शिमला में लोक भवन के बाहर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुक्खू के अलावा प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व और राज्य सरकार के कई मंत्री तथा विधायक भी विरोध में शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को उठाती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार को लोक भवन के बाहर प्रदर्शन किया गया है और गुरुवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की ओर से धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके जरिए पार्टी राहुल गांधी की हिरासत और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
लोक भवन के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा। पार्टी ने अपनी मांगों और आपत्तियों को ज्ञापन के माध्यम से सामने रखा। प्रदर्शन को देखते हुए लोक भवन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में विरोध करना और संवैधानिक संस्थाओं से जवाब मांगना विपक्ष की जिम्मेदारी है। प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिल्ली में जिस तरह विपक्षी सांसदों को रोका और हिरासत में लिया गया, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। पार्टी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उसके नेता और कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे।
वहीं, दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग की गई थी और बाद में धरना समाप्त कराने के लिए नेताओं को हिरासत में लिया गया। चुनाव आयोग ने भी विपक्ष की ओर से लगाए गए चुनावी पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।
हिमाचल प्रदेश में बुधवार का प्रदर्शन राज्य कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जा रहे चुनावी मुद्दों को लेकर प्रदेश संगठन भी सक्रिय रहेगा।
कांग्रेस ने कहा है कि आने वाले दिनों में भी चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। शिमला से शुरू हुआ यह विरोध अब राज्यव्यापी प्रदर्शन का रूप लेने जा रहा है। गुरुवार को हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है।
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