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छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल गांधी हिरासत में, कुलदीप राठौर का केंद्र पर हमला

हिमाचल प्रदेश: दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और हिमाचल प्रदेश के ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज उठाने वालों को हिरासत में लेना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।
कुलदीप राठौर ने जारी बयान में कहा कि देशभर में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी अनियमितताओं के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्र लंबे समय से पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके आंदोलन को पुलिस बल के जरिए दबाने का प्रयास कर रही है।
राठौर ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की लोकतांत्रिक सोच पर सवाल खड़ा करने वाली कार्रवाई बताया। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और छात्रों की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में विफल रही है। लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों ने युवाओं के विश्वास को कमजोर किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
कुलदीप राठौर ने कहा कि छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस कार्रवाई के जरिए युवाओं और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस नेता ने मांग की कि देश में हुए प्रश्नपत्र लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा बनाए रखना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। यदि लगातार परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहेंगे तो इसका असर देश के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह टकराव की राजनीति छोड़कर छात्रों के साथ संवाद करे और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाले।
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस जहां इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, वहीं सरकार की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जा रही है। दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है।





