हिमाचल प्रदेश

CM सुक्खू का मैहला दौरा, ग्रामीणों से सीधा संवाद

Ratna Netam
6 Nov 2026 2:24 PM IST
CM सुक्खू का मैहला दौरा, ग्रामीणों से सीधा संवाद
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार, 5 नवंबर को चंबा जिले के मैहला में आयोजित 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं तथा क्षेत्र की विकास संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। उन्हें हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े पारंपरिक परिधान चोला-डोरा पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना रहा।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चंबा जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के दौरे के तहत मैहला पहुंचे थे। इस दौरे के दौरान उन्होंने कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मैहला में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की दैनिक परेशानियों, स्थानीय जरूरतों और विकास संबंधी अपेक्षाओं को जाना। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी बातें रखीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संवाद में ग्रामीणों के साथ समय बिताया। विशेष बात यह रही कि उन्होंने देर रात तक अलाव के आसपास बैठकर स्थानीय निवासियों और युवाओं से बातचीत की। इस अनौपचारिक संवाद में गांव की रोजमर्रा की समस्याओं और भविष्य की विकास योजनाओं से जुड़ी अपेक्षाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से मिले स्नेह और स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने मैहला की सांस्कृतिक विरासत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गांव की पारंपरिक धुनों और सामूहिक नृत्यों में हिमाचल के लोकजीवन की वास्तविक झलक दिखाई देती है। स्थानीय संस्कृति और परंपराएं प्रदेश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ग्रामीणों ने भी मुख्यमंत्री के स्वागत में क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन किया।'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के जरिए राज्य सरकार दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सीधे संपर्क स्थापित करने का प्रयास कर रही है। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में कई गांव भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिला मुख्यालयों और प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों से दूर स्थित हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में बातचीत की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल व्यवस्था और रोजगार जैसे विषय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इन क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना पहाड़ी जिलों के विकास की प्रमुख आवश्यकताओं में शामिल है।मुख्यमंत्री के चंबा दौरे के दौरान भरमौर विधानसभा क्षेत्र को विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात भी मिली। उन्होंने लिल्ह कोठी में लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत वाली 26 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है।लिल्ह कोठी में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने होली-उतराला सड़क के निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने लिल्ह, मैहला, भरमौर, सुनारा और होली में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय शुरू करने की बात कही। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने चंबा जिले की 27 ग्राम पंचायतों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग पर केंद्र सरकार से चर्चा करने के लिए एक समिति गठित करने की जानकारी भी दी। इस पहल को क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मुख्यमंत्री ने अपने दौरे में प्रदेश सरकार की प्रस्तावित 'मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना' की जानकारी भी साझा की। इस योजना के तहत 75 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले तीन लाख से अधिक परिवारों को लाभ देने की योजना है। पात्र परिवारों की 21 से 59 वर्ष आयु की महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके साथ 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की भी बात कही गई है।मुख्यमंत्री के चंबा प्रवास में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने तीसा में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और नशे के खिलाफ आयोजित 'एंटी चिट्टा वॉकथॉन' को हरी झंडी दिखाई। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
मैहला में मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। लोगों ने मुख्यमंत्री के आगमन पर उत्साह व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने भी ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार करते हुए उनसे बातचीत की।मुख्यमंत्री का मैहला में रात्रि विश्राम भी निर्धारित था। इसके बाद शुक्रवार, 6 नवंबर को राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मैहला में विद्यार्थियों से संवाद करने और फिर शिमला लौटने का कार्यक्रम रखा गया था।चंबा जिले में आयोजित 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम को ग्रामीण विकास और जनसंवाद की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस कार्यक्रम ने स्थानीय लोगों को अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर प्रदान किया। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि संवाद के दौरान सामने आई समस्याओं के समाधान और घोषित विकास योजनाओं को कितनी तेजी से धरातल पर उतारा जाता है।
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