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हिमाचल प्रदेश
CM सुक्खू का बड़ा ऐलान, सरकारी स्कूलों में बढ़ेंगी सुविधाएं और शिक्षक
nidhi
7 Oct 2026 8:22 AM IST

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CBSE स्कूलों का होगा विस्तार
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में 100 और सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने की योजना सामने आई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले छह महीनों में 4,000 शिक्षकों की नियुक्ति करने की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने 3 अक्टूबर को शिमला जिले के नोगली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिक्षक भर्ती को लेकर अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 10 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। अब अगले छह महीनों में चार हजार अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इससे सरकारी स्कूलों में खाली पदों को भरने और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में 150 से अधिक सरकारी सीबीएसई स्कूल शुरू किए गए हैं और इनमें लगभग दो हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे। स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है। इनमें विद्यालयों में पर्याप्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, योग्य शिक्षक और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। शिक्षा विभाग को इन व्यवस्थाओं के संबंध में जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
सरकार ने इससे पहले भी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विशेष व्यवस्था लागू की थी। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के लिए अलग शिक्षक उप-संवर्ग बनाने और योग्य शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू की है। इसका उद्देश्य सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जुलाई 2026 में जानकारी दी थी कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में 3,468 शिक्षण पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 19 श्रेणियों के 2,668 नियमित पदों के अलावा अंग्रेजी और गणित विषयों के 800 अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति भी शामिल थी। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है। नई भर्ती योजना से इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है।
सीबीएसई संबद्धता का विस्तार होने से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और डिजिटल संसाधनों का उपयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। प्रदेश सरकार ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री पहले ही शिक्षा विभाग को सीबीएसई संबद्धता की औपचारिकताओं में तेजी लाने और आवश्यक सुविधाओं के लिए धन उपलब्ध कराने के निर्देश दे चुके हैं।
हालांकि अतिरिक्त 100 स्कूलों की अंतिम सूची और संबद्धता की नई समयसीमा की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। शिक्षक भर्ती के लिए विस्तृत पदवार विज्ञापन और आवेदन की तारीखों का भी इंतजार है। फिलहाल राज्य सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों की नियुक्ति, स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार और सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। यदि योजनाएं निर्धारित समय पर लागू होती हैं, तो प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सकता है।
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