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हिमाचल प्रदेश
काशा पाट पहुंचे CM सुक्खू स्कूल भवन के लिए दिए 2 करोड़
Ratna Netam
3 Oct 2026 4:43 PM IST

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दूर-दराज गांव काशा पाट पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और विकास से जुड़ी जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गांव में नई स्कूल बिल्डिंग के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक समृद्धि को राज्य के समग्र विकास के लिए जरूरी बताते हुए गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री इससे पहले रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के भटवारी में आयोजित 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां लोगों की समस्याएं सुनने और विकास कार्यों की समीक्षा करने के बाद वह रामपुर विधानसभा क्षेत्र के काशा पाट गांव पहुंचे। दुर्गम क्षेत्र में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री सुक्खू ने काशा पाट में स्थानीय निवासी सुपन दास के घर पर रात बिताई। मुख्यमंत्री का किसी ग्रामीण के घर रुकना स्थानीय लोगों के लिए विशेष अवसर रहा। ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और स्थानीय वेशभूषा के साथ उनका स्वागत किया। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री स्वयं भी स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक 'नाटी' नृत्य में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और गांव के जीवन, स्थानीय समस्याओं तथा विकास से जुड़ी अपेक्षाओं को जाना। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह स्वयं गांव से आते हैं, इसलिए ग्रामीण जीवन और वहां रहने वाले लोगों की चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं।
सुक्खू ने कहा कि जब तक हिमाचल प्रदेश के गांव आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं होंगे, तब तक राज्य को वास्तविक अर्थों में समृद्ध नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को उनके क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए काशा पाट जैसे दूर-दराज क्षेत्र में पहुंचना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ केवल शहरों या आसानी से पहुंच वाले क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि राज्य के अंतिम छोर पर बसे गांवों तक भी पहुंचे। इसके लिए सरकार ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दे रही है।
काशा पाट में नई स्कूल बिल्डिंग के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। नई इमारत बनने से स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक ढांचा उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्कूलों तक पहुंच तथा बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद है। ग्रामीण और दूर-दराज इलाकों के बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने पर उन्हें आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं मिलें।
'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय समस्याओं को मौके पर समझना और विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी लेना है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रखने का अवसर भी मिला।
सुक्खू ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हिमाचल की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और कृषि, बागवानी तथा इससे जुड़े व्यवसाय स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में गांवों की आय बढ़ाने और वहां बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने से पूरे राज्य के आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण पहचान बताया। काशा पाट में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक नाटी में उनकी भागीदारी के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम प्रस्तुत किए और मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। पहाड़ी इलाकों में सड़क संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच कई बार मुश्किल हो जाती है। ऐसे क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं को लागू करने के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं और विकास से जुड़ी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर देखेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को कम करना और दूर-दराज इलाकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
काशा पाट में मुख्यमंत्री के रात्रि प्रवास को सरकार और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय निवासी के घर रात बिताने के दौरान मुख्यमंत्री को ग्रामीण जीवन को करीब से देखने और लोगों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला।
इस दौरे का प्रमुख आकर्षण नई स्कूल बिल्डिंग के लिए 2 करोड़ रुपये की घोषणा रही। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण समृद्धि को हिमाचल प्रदेश की समृद्धि से जोड़ते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के विकास की दिशा गांवों के विकास से होकर गुजरती है। काशा पाट जैसे दुर्गम क्षेत्र के दौरे के जरिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच और स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्य आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
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