हिमाचल प्रदेश

CM Sukhu ने बीजेपी पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया

Ratna Netam
5 May 2026 6:39 PM IST
CM Sukhu ने बीजेपी पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुगंध सिंह सुखू ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह केंद्रीय एजेंसियों का चुनावी फायदे के लिए गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाती हैं।
मुख्यमंत्री सुखू ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना है, न कि राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए इसका इस्तेमाल करना। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि एजेंसियों का चुनावी लाभ के लिए प्रयोग किया जाता है तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।
सुखू ने दावा किया कि हाल के कुछ मामलों में केंद्र सरकार की भूमिका और बीजेपी के संपर्कों के माध्यम से कुछ एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम केवल विपक्षी दलों और उनके नेताओं को परेशान करने के लिए उठाए जा रहे हैं, जिससे जनता के बीच डर और असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा और चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखा जाएगा। उन्होंने चुनाव आयोग और संबंधित संस्थाओं से अपील की कि विरोधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग रोकने के लिए सतर्कता बरती जाए।
सुखू ने कहा कि उनका दल जनता के बीच विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर चुनाव लड़ना चाहता है, न कि डर और धमकियों के माध्यम से। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि केंद्र और बीजेपी की राजनीतिक चालों से हिमाचल के लोकतंत्र और चुनावी माहौल पर बुरा असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, लेकिन केंद्रीय एजेंसियों के चुनावी दुरुपयोग का आरोप गंभीर संकेत है। इससे न केवल राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ता है, बल्कि जनता का विश्वास कानून और प्रशासनिक तंत्र में भी प्रभावित होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी दबाव में नहीं आएगी और राज्य में कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान आगामी चुनावों को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव और बीजेपी एवं कांग्रेस के बीच गहराते टकराव का संकेत है। हिमाचल प्रदेश में चुनावी माहौल पहले से ही संवेदनशील है और ऐसे आरोप राजनीतिक बहस को और तीव्र कर सकते हैं।
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