हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री सुक्खू ने टांडा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं और सुधारों का किया दावा

SHIDDHANT
1 Dec 2025 10:07 PM IST
मुख्यमंत्री सुक्खू ने टांडा मेडिकल कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं और सुधारों का किया दावा
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Himachal हिमाचल: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने टांडा मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को आधुनिक बनाने के प्रयासों का ब्योरा देते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कई सुधार और नवीनीकरण किए जा रहे हैं, ताकि यहां की स्वास्थ्य सेवाओं को AIIMS जैसी मानक सुविधाओं के स्तर तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि टांडा मेडिकल कॉलेज में अभी भी 20 साल पुरानी एक्स-रे मशीनें काम कर रही हैं, जिन्हें जल्द ही बदलने की योजना है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि “हमने रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की है, जो मरीजों के लिए अत्याधुनिक इलाज का अवसर प्रदान करेगी।

सुक्खू ने 27 सीनियर रेजिडेंट पदों की मंजूरी भी दिलाई, जो 15 साल पहले स्वीकृत होने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि इन पदों की स्वीकृति से न केवल मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी पूरी होगी, बल्कि छात्रों और मरीजों के लिए भी बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “टांडा मेडिकल कॉलेज में हम आने वाले एक वर्ष में AIIMS जैसी सुविधा देने जा रहे हैं। हमने विभिन्न पदों की संख्या बढ़ाई है और मेडिकल कॉलेज को मजबूत बनाने के लिए पूरी व्यवस्था में सुधार किए हैं। जो लोग कह रहे हैं, वे झूठ फैलाते हैं। सुक्खू ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष मेडिकल कॉलेज की सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश करता है और जनता को भ्रमित करने का काम करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता टांडा मेडिकल कॉलेज और पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना है।

मंत्री ने कहा कि नए उपकरण, रोबोटिक सर्जरी और सीनियर रेजिडेंट पदों की स्वीकृति से न केवल टांडा मेडिकल कॉलेज की छवि सुधरेगी, बल्कि छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और मरीजों को उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। सरकार की इस पहल को चिकित्सकीय क्षेत्र में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। टांडा मेडिकल कॉलेज अब आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और उन्नत सुविधाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण इलाज प्रदान करने में सक्षम होगा। सुक्खू ने आम जनता से अपील की है कि वे इस सुधार प्रक्रिया को समझें और सहयोग करें, ताकि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और मजबूत हो सके।
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