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शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के समरहिल परिसर में शनिवार को छात्र राजनीति का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के बाद झड़प हो गई। दोनों पक्षों के कई छात्रों को मामूली चोटें आईं। हालात बिगड़ते देख पुलिस और विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस के नवीनतम अपडेट के मुताबिक झड़प में शामिल 10 छात्रों के खिलाफ निवारक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।घटना शनिवार सुबह समरहिल क्षेत्र में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता एक पुराने विवाद के बाद आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई और इसके बाद मामला धक्का-मुक्की तथा मारपीट तक पहुंच गया।घटना की जानकारी मिलते ही बालूगंज पुलिस स्टेशन की टीम, शिमला पुलिस की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को और बिगड़ने से रोका।
समरहिल चौक के पास बिगड़े हालात
पुलिस के अनुसार SFI और ABVP से जुड़े छात्र समरहिल चौक के आसपास जमा हुए थे। दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। आमना-सामना होने के बाद तनाव बढ़ गया और दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट शुरू हो गई।स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक घटना सुबह करीब 8:30 बजे से 8:45 बजे के बीच हुई। शुरुआती रिपोर्ट में दो छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी, जिनमें एक छात्र के सिर पर चोट लगने की बात कही गई। बाद में सामने आई जानकारी में कई छात्रों को मामूली चोटें आने की बात कही गई।घटना के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें छात्र एक-दूसरे से उलझते दिखाई दिए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें अलग करने की कोशिश करते नजर आए।
10 छात्रों पर निवारक कार्रवाई
शिमला पुलिस की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में दो छात्र समूहों के बीच झड़प की सूचना मिली थी। इसके बाद बालूगंज पुलिस स्टेशन और QRT की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोका। नवीनतम पुलिस जानकारी के अनुसार झड़प में शामिल 10 छात्रों के खिलाफ निवारक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।इससे पहले दिन में आई रिपोर्टों में दोनों संगठनों से जुड़े कुल पांच छात्रों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी। देर शाम पुलिस के अपडेट में यह संख्या बढ़कर 10 बताई गई।निवारक कार्रवाई का उद्देश्य परिसर में दोबारा टकराव की आशंका को रोकना और शांति व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
कैंपस में बढ़ाई गई पुलिस तैनाती
घटना के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और विश्वविद्यालय के संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल परिसर में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। पुलिस ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।छात्र संगठनों के बीच दोबारा टकराव न हो, इसे देखते हुए पुलिस की मौजूदगी फिलहाल जारी रखी गई है।
SFI और ABVP ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
घटना की शुरुआत को लेकर दोनों छात्र संगठनों के दावे अलग-अलग हैं। SFI का आरोप है कि उसके कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास कुलपति के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया।SFI ने यह भी आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं और उसने मामले में कार्रवाई की मांग की है।दूसरी ओर ABVP ने इन आरोपों को खारिज किया। संगठन का दावा है कि उसके कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के गेट पर नए छात्रों के स्वागत के लिए मौजूद थे और SFI कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से उन पर हमला किया।ABVP के कैंपस अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने आरोप लगाया कि उसके कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। संगठन ने भी पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है।दोनों पक्षों के आरोप एक-दूसरे के विपरीत हैं। ऐसे में झड़प किसने शुरू की और घटनाक्रम वास्तव में किस क्रम में आगे बढ़ा, इसे पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट किया जा सकेगा।
एक दिन पुराने विवाद का भी जिक्र
SFI की ओर से शुक्रवार शाम की एक कथित घटना को शनिवार की झड़प से जोड़कर आरोप लगाए गए हैं। संगठन का दावा है कि शुक्रवार को ABVP से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उसकी एक महिला कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया था।ABVP ने SFI के आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा SFI कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है।फिलहाल ये दोनों संगठनों के आरोप हैं। पुलिस की ओर से इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए किसी एक संगठन के दावे को घटना का अंतिम और प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता।
पुलिस ने समय रहते संभाली स्थिति
विश्वविद्यालय परिसर में दो बड़े छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद स्थिति और गंभीर होने की आशंका थी। दोनों पक्षों के समर्थकों की मौजूदगी के कारण तनाव तेजी से बढ़ सकता था।पुलिस के मुताबिक सूचना मिलते ही बालूगंज पुलिस और QRT को मौके पर भेजा गया। विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों ने भी पुलिस के साथ मिलकर छात्रों को अलग किया।पुलिस ने दोनों समूहों को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इसके बाद परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।अतिरिक्त एसपी मेहर पंवार ने कहा कि पुलिसकर्मी विश्वविद्यालय में तैनात हैं और स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण तथा नियंत्रण में है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र एक स्थान पर जमा दिखाई दे रहे हैं। कुछ वीडियो में धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति नजर आती है, जबकि पुलिसकर्मी छात्रों को अलग करने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।ऐसे वीडियो किसी घटना के एक हिस्से को दिखा सकते हैं, लेकिन इनके आधार पर यह तय करना कि विवाद किस पक्ष ने शुरू किया, संभव नहीं है। पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, शिकायतें और उपलब्ध वीडियो महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।
छात्र राजनीति को लेकर फिर बढ़ी चिंता
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में SFI और ABVP दोनों प्रमुख छात्र संगठन हैं। वैचारिक रूप से दोनों संगठन अलग-अलग राजनीतिक धाराओं से जुड़े हैं और विश्वविद्यालय के छात्र मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं।ABVP राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से वैचारिक रूप से जुड़ा छात्र संगठन है, जबकि SFI वामपंथी विचारधारा से जुड़ा छात्र संगठन है।विश्वविद्यालय परिसरों में छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक और वैचारिक मतभेद सामान्य हैं, लेकिन जब ये मतभेद शारीरिक हिंसा में बदलते हैं तो छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है।शनिवार की घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा बढ़ाए जाने का उद्देश्य भी दोनों समूहों के बीच किसी नए टकराव को रोकना है।
सामान्य स्थिति बहाल करने पर जोर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना के बाद विश्वविद्यालय में सामान्य स्थिति बहाल कर दी गई है। छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं।पुलिस का कहना है कि 10 छात्रों के खिलाफ की गई निवारक कार्रवाई का उद्देश्य किसी पक्ष को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि संभावित टकराव को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।आने वाले समय में दोनों संगठनों की शिकायतों, वीडियो फुटेज और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना के वास्तविक क्रम को स्पष्ट किया जा सकता है।फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के समरहिल परिसर में SFI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, कई छात्रों को मामूली चोटें आईं और पुलिस ने नवीनतम जानकारी के अनुसार 10 छात्रों के खिलाफ निवारक कार्रवाई की। पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है और देर शाम तक परिसर की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में बताई गई है।
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