हिमाचल प्रदेश

Himachal में पेयजल सुधार के लिए केंद्र ने दिया 258 करोड़ रुपये का समर्थन

Ratna Netam
2 May 2026 3:45 PM IST
Himachal में पेयजल सुधार के लिए केंद्र ने दिया 258 करोड़ रुपये का समर्थन
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार ने मिलकर राज्य में पेयजल और स्वच्छ जल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने के लिए जल जीवन मिशन-II के तहत 258 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। यह धनराशि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति और पाइपलाइन नेटवर्क को सुधारने, नए जलाशयों का निर्माण और पानी के सतत प्रबंधन के लिए उपयोग की जाएगी।
जल जीवन मिशन-II का उद्देश्य पूरे राज्य में हर घर में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाना है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच यह सहयोग हिमाचल प्रदेश के जल संसाधनों के स्थायी और प्रभावी उपयोग के लिए अहम माना जा रहा है। इस परियोजना से विशेष रूप से पिछड़े और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी की सुविधा में सुधार की उम्मीद है।
राज्य के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंज़ूर की गई राशि का इस्तेमाल जल आपूर्ति नेटवर्क का आधुनिकीकरण, टैंक और पाइपलाइन का निर्माण और जल संरक्षण तकनीकों के प्रचार-प्रसार में किया जाएगा। इससे ग्रामीण घरों तक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी और जल संकट की स्थिति में राहत मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह योजना केवल जल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पानी की गुणवत्ता, जल संरक्षण और हर घर तक पानी की नियमित आपूर्ति को सुनिश्चित करना भी शामिल है। उन्होंने कहा, "258 करोड़ रुपये की मंजूरी राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
विशेषज्ञों का कहना है कि जल जीवन मिशन-II राज्य में सतत जल प्रबंधन और जल संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल है। यह न केवल लोगों को साफ पानी उपलब्ध कराएगा, बल्कि जल संकट के समय राहत देने में भी मदद करेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने इस योजना का स्वागत किया और कहा कि यह उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में अहम साबित होगी। महिलाओं ने विशेष रूप से खुशी जताई, क्योंकि पानी की समस्या का सीधा असर उनके घरों के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ता है।
केंद्र सरकार ने भी इस परियोजना के महत्व पर जोर दिया और कहा कि जल जीवन मिशन-II के तहत राज्य में हर घर में पर्याप्त और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
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