हिमाचल प्रदेश

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट ने हिमाचल के तीन स्कूलों को दिया ग्रीन अवार्ड, जानिए पूरी खबर

Admin Delhi 1
6 Jun 2022 1:08 PM IST
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट ने हिमाचल के तीन स्कूलों को दिया ग्रीन अवार्ड, जानिए पूरी खबर
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के तीन स्कूलों को अपने परिसरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए ग्रीन स्कूल पुरस्कारों से नवाजा गया है। पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) के ग्रीन स्कूल प्रोग्राम (जीएसपी) के तहत स्कूलों की पर्यावरण व्यवस्था के आधार पर अलग-अलग वर्ग में तीन स्कूलों को सम्मानित किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर रविवार को शिमला के गेयटी थियेटर में अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग प्रबोध सक्सेना ने ये पुरस्कार प्रदान किए। पिछले तीन सालों से लगातार पर्यावरण के अनुकूल माहौल बनाए रखने के लिए सोलन को राज्य का सर्वश्रेष्ठ जिला घोषित किया गया। पर्यावरण के तय मानकों पर सोलन जिला के स्कूलों ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। शिवालिक वैली पब्लिक स्कूल सोलन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नैनीधार (सिरमौर) और सरकारी हाई स्कूल डुघा (हमीरपुर) को 2021-22 की मुख्यमंत्री रॉलिंग ट्राफियां प्रदान की गईं।

ये अवार्ड हर साल सीएसई और हिमाचल प्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्ट) के सहयोग से दिए जाते हैं। दोनों मिलकर राज्य में पर्यावरण-शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए लगभग एक दशक से साथ काम कर रहे हैं। सीएसई का ग्रीन स्कूल प्रोग्राम (जीएसपी) एक ऐसी पहल है, जो स्कूलों, उनके स्टूडेंट्स और शिक्षकों को स्कूल-परिसरों के अंदर पर्यावरण के अनुकूल माहौल बनाने और उसे बचाए रखने के लिए प्रोत्साहित करता है। सीएसई की इस पहल में हिमाचल प्रदेश की भागीदारी 2012 से लगातार बढ़ती गई है। वर्ष 2012 में इसमें 44 स्कूल शामिल थे, जिनकी संख्या आज 699 है। 2019-20 में हिमाचल प्रदेश ने जीएसपी के ऑडिट प्रदर्शन में महत्त्वपूर्ण बढ़त दर्ज की थी। जहां तक पंजीकरण का सवाल है, जीएसपी ऑडिट-2019 में 557 स्कूलों ने पंजीकरण कराया था, जो 2018 के 367 स्कूलों की तुलना में 65 फीसदी ज्यादा था। कुल 557 पंजीकरणों में से, 156 स्कूलों ने 2019 में ऑडिट पूरा किया और प्रस्तुत किया। इनमें 15 स्कूलों को ऑडिट में 'ग्रीनÓ का दर्जा दिया गया था। 2018 में केवल चार स्कूलों को मिला था। हर साल की तरह, इस साल भी जीएसपी कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें 110 टीचर्ज ने भाग लिया।

2017 में हुई थी स्थापना: जीएसपी-सीएम रॉलिंग ट्रॉफी की स्थापना 2017 में की गई थी, जिसका उद्देश्य उन स्कूलों का सम्मान करना था, जिन्होंने स्टूडेंट्स को पर्यावरण-प्रबंधक बनाकर उसकी बेहतरी के लिए चेतना जगाने के लिए जीएसपी-ऑडिट में भागीदारी की थी। तब से 14 स्कूलों और दो जिलों ने जीएसपी-एचपी ट्रॉफी पाई है।

मुख्यमंत्री ने दी थी ट्रॉफी: 2018-19 में खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी में हुए कार्यक्रम में जीतने वाले स्कूलों को ट्रॉफी दी थी। 2019-20 में चार स्कूलों को प्रमाणपत्र दिया गया था और सोलन को एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला था। 2021-22 के लिए तीन स्कूलों और एक जिले को रॉलिंग ट्रॉफी अवार्ड को चुना गया था।

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