हिमाचल प्रदेश

CDSCO ड्रग अलर्ट: देशभर में 157 दवाओं के सैंपल फेल, कफ सिरप से लेकर इंजेक्शन तक शामिल

Kavita2
23 Jun 2026 11:41 AM IST
CDSCO ड्रग अलर्ट: देशभर में 157 दवाओं के सैंपल फेल, कफ सिरप से लेकर इंजेक्शन तक शामिल
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ओर से मई में जारी ड्रग अलर्ट में देशभर में बनी 157 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इस बार राज्यों में दवाओं के सैंपल फेल होने की दर में कमी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार फेल हुई दवाओं में कफ सिरप, सिरदर्द और सर्दी-जुकाम की दवाएं, दिल के रोगों की दवाएं, आयरन और विटामिन की गोलियां, फॉलिक एसिड, विभिन्न प्रकार के जेल, लोशन, साबुन और सैनिटाइजर शामिल हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि केवल दवाइयां ही नहीं बल्कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई स्वास्थ्य उत्पाद भी गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं।

अलर्ट में 20 इंजेक्शन और 11 अलग-अलग उद्योगों में निर्मित कफ सिरप के सैंपल भी फेल पाए गए हैं। यह स्थिति दवा निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

राज्यवार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 43 दवाएं हिमाचल प्रदेश की कंपनियों में बनी पाई गईं जो मानक परीक्षण में फेल हुईं। इसके बाद उत्तराखंड की 27, गुजरात की 25, मध्य प्रदेश की 10 और राजस्थान की 7 दवाएं शामिल हैं।

इसके अलावा हरियाणा की 6, उत्तर प्रदेश, सिक्किम और तमिलनाडु की 5-5 दवाएं, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की 4-4 दवाएं, महाराष्ट्र और केरल की 3-3 दवाएं तथा पुडुचेरी, दिल्ली, तेलंगाना और पंजाब की 2-2 दवाएं इस सूची में शामिल हैं।

CDSCO की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दो दवाओं के प्राधिकरण द्वारा उद्योग का नाम और पता अंकित नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की रिपोर्ट दवा उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत करने की जरूरत को दर्शाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि बाजार में आने से पहले दवाओं की सख्त जांच और निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए।

हालांकि इस बार सैंपल फेल होने की दर में कमी को एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, लेकिन 157 दवाओं का मानकों पर खरा न उतरना अभी भी गंभीर चिंता का विषय है।

सरकारी स्तर पर इन मामलों की जांच और संबंधित कंपनियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निरीक्षण प्रणाली को और कड़ा किए जाने की संभावना है।

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